12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: भारतीय घरों में भोजन के बाद कुछ मीठा खाना आम आदत है। किसी को मिठाई पसंद है, तो कोई चॉकलेट, हलवा या गुड़ से अपनी क्रेविंग पूरी करता है। लेकिन बदलती लाइफस्टाइल, कम होती फिजिकल एक्टिविटी और बढ़ती बीमारियों के दौर में यह आदत सेहत के लिए खतरा भी बन सकती है।
रोज मीठा खाना कितना सुरक्षित?
होलिस्टिक डाइटिशियन और इंटीग्रेटिव थेरोपेटिक न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. गीतिका चोपड़ा के मुताबिक,
अगर कोई व्यक्ति बहुत कम मात्रा में मीठा खाता है, तो आमतौर पर यह नुकसानदायक नहीं होता। लेकिन हर भोजन के बाद और अधिक मात्रा में मीठा खाने की आदत सेहत पर बुरा असर डाल सकती है।
इंसुलिन स्पाइक से बढ़ता है खतरा
एक्सपर्ट बताती हैं कि ज्यादा मीठा खाने से शरीर में इंसुलिन स्पाइक होता है। इससे
HbA1c लेवल बढ़ सकता है
डायबिटीज का खतरा बढ़ता है
शरीर में फैट तेजी से जमा होने लगता है
इंसुलिन एक फैट स्टोरेज हार्मोन है, यानी जितना इंसुलिन बढ़ेगा, उतना ही वजन बढ़ने की संभावना भी ज्यादा होगी। यह हार्ट हेल्थ के लिए भी नुकसानदेह माना जाता है।
मीठे की तलब क्यों लगती है?
डॉ. गीतिका के अनुसार, मीठे की क्रेविंग का सीधा संबंध इंसुलिन और हार्मोनल असंतुलन से होता है।
जब इंसुलिन बार-बार बढ़ता है, तो शरीर को बार-बार मीठा खाने की इच्छा होने लगती है। इंसुलिन को संतुलित रखकर इस तलब को कंट्रोल किया जा सकता है।
सफेद चीनी से रहें सावधान
एक्सपर्ट सफेद चीनी को सेहत के लिए ‘धीमा जहर’ बताती हैं। WHO भी अधिक चीनी सेवन को नुकसानदायक मानता है।
सफेद चीनी की जगह आप सीमित मात्रा में
गुड़
शहद
देसी खांड
जैसे प्राकृतिक विकल्प चुन सकते हैं।
निष्कर्ष
रोजाना और हर भोजन के बाद मीठा खाना सेहत के लिए सही नहीं है। अगर मीठा खाना है तो कम मात्रा, सही विकल्प और संतुलन बेहद जरूरी है, ताकि डायबिटीज, मोटापा और हार्मोनल समस्याओं से बचा जा सके।











