12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: आंखों से धुंधला दिखना अक्सर लोग थकान, उम्र या चश्मे की जरूरत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सकीय विशेषज्ञों के मुताबिक यह समस्या कई बार शरीर में पनप रही गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। आंखें सीधे तौर पर मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी होती हैं, इसलिए शरीर के भीतर हो रही गड़बड़ी का असर सबसे पहले दृष्टि पर दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अचानक नजर धुंधली हो जाए, एक आंख से कम दिखाई दे या चीजें दोहरी नजर आने लगें, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। यह स्थिति न सिर्फ आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि जानलेवा बीमारियों की चेतावनी भी हो सकती है।
डायबिटीज से जुड़ी आंखों की बीमारी का खतरा
धुंधली नजर का एक बड़ा कारण अनियंत्रित डायबिटीज है। खून में शुगर लेवल बढ़ने पर आंखों के लेंस में तरल जमा होने लगता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होती है। लंबे समय तक शुगर कंट्रोल में न रहने पर ‘डायबिटिक रेटिनोपैथी’ की समस्या हो सकती है, जिसमें रेटिना की नाजुक रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति स्थायी अंधेपन का कारण भी बन सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का संकेत
हाई ब्लड प्रेशर का असर सिर्फ दिल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आंखों की नसों पर भी दबाव डालता है। अचानक धुंधला दिखना या नजर का कुछ समय के लिए चला जाना स्ट्रोक का लक्षण हो सकता है। जब मस्तिष्क के उस हिस्से में रक्त प्रवाह बाधित होता है, जो देखने की क्षमता को नियंत्रित करता है, तो यह स्थिति पैदा होती है। डॉक्टर इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हैं और तुरंत उपचार की सलाह देते हैं।
ब्रेन ट्यूमर और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं
मस्तिष्क में किसी तरह की असामान्य गांठ या ट्यूमर होने पर भी आंखों की नसों पर दबाव पड़ सकता है। इसके साथ तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली और दृष्टि धुंधली होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसके अलावा मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी नजर को प्रभावित कर सकती हैं। समय रहते इलाज न होने पर धुंधलापन स्थायी रूप ले सकता है।
नियमित जांच और सतर्कता है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि दृष्टि में किसी भी तरह का बदलाव होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित आंखों की जांच के साथ-साथ ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की निगरानी जरूरी है। संतुलित आहार, जिसमें विटामिन-A और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल हों, आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। अगर धुंधलेपन के साथ दर्द, लाली या सिरदर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।











