12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: महाशिवरात्रि भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था, साधना और भक्ति का विशेष पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026 को पड़ेगी। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि आती है। कई श्रद्धालु इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं और पूरी रात जागरण कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हैं।
यदि आप भी महाशिवरात्रि पर विधिवत पूजा करने की योजना बना रहे हैं, तो पूजा सामग्री की पहले से तैयारी करना आवश्यक है। मान्यता है कि सही सामग्री के साथ की गई पूजा अधिक फलदायी होती है।
महाशिवरात्रि पूजा सामग्री की पूरी सूची
शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा
गंगाजल
दूध, दही, शहद, घी और शक्कर
बेलपत्र
धतूरा
आक के फूल
सफेद चंदन
भस्म
सफेद फूल
चावल (अक्षत)
रोली
मौली (कलावा)
धूप और दीप
कपूर
फल और मिष्ठान
पान, सुपारी और लौंग
महाशिवरात्रि पूजा विधि (संक्षेप में)
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थल को साफ कर शिवलिंग को गंगाजल से शुद्ध करें
दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें
बेलपत्र, धतूरा, चंदन और फूल अर्पित करें
अंत में धूप-दीप जलाकर आरती करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें
धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।











