रूस का बड़ा डिजिटल एक्शन: फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और व्हाट्सएप समेत अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बैन

12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk: विदेशी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निर्भरता कम करने के लिए रूस ने कड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने अमेरिकी कंपनियों से जुड़े कई प्रमुख सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले के तहत फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के साथ-साथ टेलीग्राम, यूट्यूब और स्नैपचैट को भी रूस में बैन कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि इस फैसले के बाद रूस के लोग इन लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि रूसी नागरिक विदेशी सेवाओं के बजाय देश के भीतर विकसित सरकारी और घरेलू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करें। यह कदम रूस की डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी संप्रभुता नीति के तहत उठाया गया है।

रूस की सरकारी इंटरनेट नियामक संस्था रोसकोमनाडजोर (Roskomnadzor) ने इन विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के डोमेन को रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिया है। इसके चलते इन सेवाओं तक पहुंच लगभग पूरी तरह बंद हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने केवल सोशल मीडिया ही नहीं बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स पर भी प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है। इससे रूस में रहने वाले लोग वैश्विक समाचार स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल सेवाओं से काफी हद तक कट गए हैं। इसे सरकार की सूचना प्रवाह पर नियंत्रण मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय DNS सिस्टम अनिवार्य
रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस में सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय DNS सिस्टम का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। यह सिस्टम Roskomnadzor की निगरानी में काम करता है और ‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत देश के इंटरनेट पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करता है। इससे संकेत मिलते हैं कि रूस तेजी से “Sovereign Internet” मॉडल की ओर बढ़ रहा है और पश्चिमी देशों के साथ उसकी डिजिटल दूरी और बढ़ती जा रही है।

रूस ने क्यों उठाया यह कदम?
बताया जा रहा है कि इस फैसले का मकसद रूस में विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स की पहुंच को लगभग समाप्त करना है। सरकार चाहती है कि रूसी नागरिक घरेलू डिजिटल विकल्पों को अपनाएं और विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर निर्भरता खत्म हो। इसी दिशा में सरकार समर्थित मैसेजिंग ऐप Max को व्हाट्सएप के विकल्प के तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और पश्चिमी देशों के साथ जारी राजनीतिक टकराव के बीच रूस का यह कदम डिजिटल नियंत्रण और आत्मनिर्भरता की नीति को और मजबूत करता है।