11 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Bollywood Desk: कोरियोग्राफर से निर्देशक बने रेमो डिसूजा ने हाल ही में अपनी आध्यात्मिक यात्रा, धर्म परिवर्तन और पारिवारिक मूल्यों पर खुलकर बात की। नयनदीप रक्षित के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रेमो ने बताया कि उन्हें कभी भी धर्म बदलने को लेकर परिवार की ओर से कोई दबाव या आलोचना नहीं झेलनी पड़ी।
रेमो ने एक खास किस्सा साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने अपने पिता को चर्च से जुड़ने की इच्छा बताई, तो पिता ने सहजता से जवाब दिया—“ठीक है, कर लो, बस मेरा नाम मत बदलना।” इसी सलाह के चलते उनका नाम रेमो गोपी डिसूजा रखा गया। रेमो के मुताबिक, उनके माता-पिता बेहद सरल और खुले विचारों वाले थे।
इस बातचीत में रेमो की पत्नी लिजेल डिसूजा ने भी अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। कैथोलिक परिवार में पली-बढ़ी लिजेल ने बताया कि वे पिछले 25 सालों से गणपति की मूर्ति रखती आ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में माता-पिता के निधन के बाद उनका झुकाव हिंदू धर्म की ओर और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ करना उन्हें सुकून देता है, भले ही वे कैथोलिक हैं।
कपल ने बच्चों की परवरिश पर भी बात की और बताया कि वे अपने बच्चों को स्वतंत्रता और सम्मान के माहौल में बड़ा करना चाहते हैं। रेमो ने अपने बड़े बेटे के नामकरण का जिक्र करते हुए बताया कि बेटे का नाम एडोनिस रखा गया, लेकिन परिवार की सुविधा के लिए एक हिंदू नाम ‘ध्रुव’ भी दिया गया। बड़े होने पर बेटे ने खुद एडोनिस नाम रखने का फैसला किया।
वर्कफ्रंट की बात करें तो रेमो डिसूजा ने हाल ही में फिल्म ‘बी हैप्पी’ का निर्देशन किया था और अब वे आरजे महवश की डेब्यू फिल्म ‘टेढ़ी है पर मेरी है’ को प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके साथ ही वे बतौर कोरियोग्राफर भी लगातार सक्रिय हैं।












