Bengal SIR मामला: ममता बनर्जी की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप

09 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। इसी विवाद से जुड़ी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। सीएम ममता ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और कमजोर वर्गों के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का गंभीर आरोप लगाया है।

यह मामला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अहम माना जा रहा है। ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देते हुए दावा किया है कि इसके जरिए लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमलया बागची और जस्टिस एन.वी. अंजरिया शामिल हैं, ममता बनर्जी की याचिका के साथ ही टीएमसी सांसद डोला सेन और डेरेक ओ’ब्रायन की समान याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी।

याचिका में क्या मांग

सीएम ममता ने कोर्ट से मांग की है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए, खासकर उन लोगों का जिनके नामों में वर्तनी संबंधी अंतर या अन्य तकनीकी विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा कि शादी के बाद नाम बदलने वाली महिलाएं और स्थान बदलने वाले लोग इस प्रक्रिया से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

पिछली सुनवाई में SC की टिप्पणी

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि नामों की वर्तनी में अंतर देशभर में आम बात है और इसे किसी मतदाता को सूची से बाहर करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि कोई भी वास्तविक मतदाता अपने मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।

अब सभी की नजरें आज की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय हो सकता है कि बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया आगे किस दिशा में जाएगी और चुनाव आयोग की भूमिका पर कोर्ट क्या रुख अपनाता है।