09 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत ने ही साफ कर दिया है कि इस टूर्नामेंट में कोई भी मुकाबला आसान नहीं होने वाला। पहले दो दिनों में ही सांसें थाम देने वाले मैच, करीबी नतीजे और एसोसिएट टीमों की बेखौफ क्रिकेट ने विश्व कप का तापमान काफी ऊंचा कर दिया है। पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी खिताबी दावेदार टीमें जीत तो दर्ज करने में सफल रहीं, लेकिन नीदरलैंड्स और नेपाल ने उन्हें आखिरी ओवर तक संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।
ड्रामा और विवादों के बाद शुरू हुए इस टूर्नामेंट ने फैंस को पहले ही दिन से रोमांच से भर दिया है। 20 टीमों वाले फॉर्मेट पर उठ रहे सवालों को एसोसिएट देशों के प्रदर्शन ने खामोश कर दिया है। शुरुआती मुकाबलों ने बता दिया कि इस विश्व कप में उलटफेर की पूरी गुंजाइश है।
नीदरलैंड्स से हारते-हारते बचा पाकिस्तान
टी20 विश्व कप 2026 के पहले मुकाबले में पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को तीन विकेट से हराया, लेकिन जीत आसान नहीं रही। 148 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान 18 ओवर में सात विकेट पर 119 रन बनाकर दबाव में था। आखिरी दो ओवर में 29 रन चाहिए थे, लेकिन 19वें ओवर में फहीम अशरफ और शाहीन अफरीदी ने पासा पलट दिया। पाकिस्तान ने 19.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया, हालांकि नीदरलैंड्स ने आखिरी दम तक उलटफेर की उम्मीद बनाए रखी।
नेपाल ने इंग्लैंड को दिया कड़ा मुकाबला
रविवार को खेले गए मुकाबले में नेपाल ने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को चार रन से जीत के लिए जूझने पर मजबूर कर दिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 184 रन बनाए, जवाब में नेपाल की टीम 180/6 तक पहुंच गई। आखिरी ओवर में 10 रन चाहिए थे, लेकिन सैम करन की सधी गेंदबाजी ने इंग्लैंड को राहत दिलाई। हार के बावजूद नेपाल ने दिखा दिया कि वह इस टूर्नामेंट में सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि मुकाबला करने आई है।
आगे और भी हो सकते हैं बड़े उलटफेर
पहले ही दो दिनों में जिस तरह के करीबी मुकाबले देखने को मिले हैं, उससे आने वाले मैचों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। पाकिस्तान-अमेरिका, इंग्लैंड-वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया-आयरलैंड और वेस्टइंडीज-नेपाल जैसे मुकाबलों में भी उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रोमांच अभी बाकी है
अब तक केवल कुछ ही मैच खेले गए हैं, लेकिन करीबी फिनिश और दिग्गज टीमों की बेचैनी ने साफ कर दिया है कि इस विश्व कप की पहचान रोमांच और अनिश्चितता होगी। टी20 फॉर्मेट में नाम और रैंकिंग से ज्यादा अहम उस दिन का प्रदर्शन है। अगर कोई एसोसिएट टीम लय पकड़ लेती है और आत्मविश्वास के साथ खेलती है, तो सुपर-8 की दौड़ में किसी बड़े नाम का बाहर होना भी हैरानी की बात नहीं होगी।













