07 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए मलेशिया रवाना हो गए हैं। इस दौरान वे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें रक्षा सहयोग, व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है और अगस्त 2024 में भारत–मलेशिया संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद उनकी पहली यात्रा है। इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान भारत और मलेशिया के बीच रक्षा सहयोग के नए अवसरों पर बातचीत होगी। इसमें
डॉर्नियर विमानों की बिक्री,
स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का रखरखाव,
और एसयू-30 लड़ाकू विमानों के मेंटेनेंस जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
भारत, मलेशिया को रक्षा क्षेत्र में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है।
भारतीय समुदाय और व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और बिजनेस लीडर्स से भी संवाद करेंगे। मलेशिया में करीब 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय समुदाय है। वहीं, यह दूसरा सबसे बड़ा पीआईओ (Persons of Indian Origin) समुदाय भी है।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी का अहम स्तंभ
मलेशिया, आसियान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का प्रमुख आधार माना जाता है।
कुआलालंपुर के ब्रिकफील्ड्स इलाके में स्थित तोरण गेट दोनों देशों की स्थायी मित्रता का प्रतीक है। इसका उद्घाटन 23 नवंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने संयुक्त रूप से किया था।
रिश्तों का ऐतिहासिक सफर
भारत और मलेशिया के बीच राजनयिक संबंध 1957 में स्थापित हुए थे।
2015 में रिश्तों को ‘उन्नत रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा मिला।
19–21 अगस्त 2024 को अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा के दौरान संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में अपग्रेड किया गया।
इसके अलावा, पीएम मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मुलाकात
6 जुलाई 2025 को ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान,
22 अक्टूबर 2025 को टेलीफोन पर,
और 26 अक्टूबर 2025 को कुआलालंपुर में आयोजित 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअली हो चुकी है।
यह यात्रा भारत–मलेशिया संबंधों को रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के नए आयाम देने की दिशा में बेहद अहम मानी जा रही है।













