Bangladesh Election 2026: बदले जमात-ए-इस्लामी के सुर, चुनावी घोषणापत्र में भारत से सहयोगी रिश्तों का वादा

05 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk:  बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। इसी बीच देश की प्रमुख इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। भारत विरोधी रुख के लिए पहचानी जाने वाली जमात ने बुधवार, 4 फरवरी को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसमें भारत समेत पड़ोसी देशों के साथ अच्छे और सहयोगात्मक संबंधों पर जोर दिया गया है।

जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान ने ढाका के एक होटल में 41 सूत्रीय घोषणापत्र का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सिर्फ पार्टी की जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका लक्ष्य बांग्लादेश के सभी नागरिकों की भलाई है। उन्होंने कहा, “मैं किसी एक परिवार या समूह की राजनीति में विश्वास नहीं करता, मैं जनता की राजनीति में विश्वास करता हूं।”

41 सूत्रीय घोषणापत्र, 26 प्राथमिकता वाले क्षेत्र
जमात के घोषणापत्र में न्याय व्यवस्था और आर्थिक सुधारों के साथ-साथ महिलाओं को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का वादा किया गया है, हालांकि पार्टी ने इस चुनाव में किसी महिला उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है। घोषणापत्र 26 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिनमें स्वतंत्र विदेश नीति, मजबूत रक्षा व्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास शामिल हैं।

भारत समेत पड़ोसी देशों से बेहतर रिश्तों का भरोसा
जमात-ए-इस्लामी ने अपने घोषणापत्र में भारत, श्रीलंका, भूटान, नेपाल, म्यांमार, मालदीव और थाईलैंड के साथ शांतिपूर्ण, मित्रतापूर्ण और सहयोगी संबंध बनाने का वादा किया है। पार्टी के अनुसार, ये रिश्ते आपसी सम्मान और निष्पक्षता पर आधारित होंगे। क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि के लिए संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

इसके अलावा घोषणापत्र में कृषि और खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के नेतृत्व वाली तकनीकी पहल, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और समान नागरिक अधिकारों जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।

चुनाव नजदीक आते ही जमात-ए-इस्लामी का यह बदला हुआ रुख बांग्लादेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है, खासकर भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में।