04 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भले ही भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप का ग्रुप मैच नहीं खेलने का फैसला किया हो, लेकिन अब इस पर सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट और सियासत के गलियारों में चर्चा है कि 12 फरवरी के बाद पाकिस्तान अपना रुख बदल सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इस फैसले का सीधा संबंध बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से है।
भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का बहुप्रतीक्षित मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है। दोनों टीमें ग्रुप-ए में शामिल हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इस मैच का बहिष्कार करने का फैसला लिया है, जिससे आईसीसी नाराज बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान ने इस फैसले के पीछे कोई ठोस कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है और न ही पीसीबी ने आधिकारिक तौर पर आईसीसी को इसकी लिखित सूचना दी है।
चुनाव के बाद बदल सकता है फैसला?
दरअसल, 12 फरवरी को बांग्लादेश में आम चुनाव होने हैं। फिलहाल वहां मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सत्ता में है। माना जा रहा है कि पीसीबी चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, चुनाव के बाद हालात बदलने पर अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं। कई जानकारों का कहना है कि नकवी एक क्रिकेट प्रशासक से ज्यादा राजनीतिक नेता हैं और यह फैसला राजनीतिक संदेश देने के लिए लिया गया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से एक सूत्र ने बताया कि नकवी चुनाव के बाद यू-टर्न ले सकते हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि भारत के खिलाफ मैच न खेलने पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग पड़ना पड़ सकता है। भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले दो दिन का समय रहेगा, जिसमें हालात बदल सकते हैं।
ICC की कड़ी कार्रवाई की आशंका
अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है, तो आईसीसी पीसीबी पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है। आईसीसी ने संकेत दिए हैं कि मैच नहीं खेलने की स्थिति में टी20 विश्व कप के आधिकारिक प्रसारक जियोस्टार पीसीबी के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी पाकिस्तान का सालाना राजस्व, जो करीब 35 मिलियन डॉलर है, रोक सकती है और इसी राशि से प्रसारक को हुए नुकसान की भरपाई की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि पीसीबी ने इस मुद्दे पर अन्य सदस्य बोर्डों से समर्थन मांगा, लेकिन उसे किसी का साथ नहीं मिला।
बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान
गौरतलब है कि आईसीसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अपने मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराने की मांग करने पर बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया था। पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया था और माना जा रहा है कि भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला भी उसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि वह बांग्लादेश के साथ खड़ा दिख सके।
हालांकि, जिस तरह आईसीसी ने बांग्लादेश के खिलाफ सख्त कदम उठाया, उसी तरह पाकिस्तान पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि 12 फरवरी के बाद पीसीबी और मोहसिन नकवी अपने फैसले पर कायम रहते हैं या फिर यू-टर्न लेकर भारत के खिलाफ मैदान में उतरते हैं।













