03 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों की पटियाला जेल में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से हुई मुलाकात पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा तंज कसा। मुख्यमंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए कटाक्ष करते हुए न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
सीएम भगवंत मान ने ट्वीट करते हुए लिखा,
“कल बन जाएं चाहे आज बन जाएं, अदालतों का वहां रब्ब राखा, जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं।”
उनके इस बयान को डेरा प्रमुख की मजीठिया से मुलाकात और बाद में दिए गए बयान पर सीधा हमला माना जा रहा है।
दरअसल, सोमवार को बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पटियाला जेल में बंद बिक्रम मजीठिया से मिलने पहुंचे थे। जेल परिसर से बाहर आने के बाद डेरा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत में मजीठिया के खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें राजनीति से प्रेरित करार दिया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस और तेज हो गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संकेत दिया कि जब जेल में मिलने आने वाले लोग ही आरोपी को बेगुनाह बताने लगें और खुद को ‘जज’ की तरह पेश करें, तो इससे न्यायिक प्रक्रिया और उसकी गरिमा पर सवाल उठते हैं।
गौरतलब है कि इस मुलाकात और डेरा प्रमुख के बयान के कुछ ही घंटों बाद सुप्रीम कोर्ट से बिक्रम मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत मिल गई। इसके बाद यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ गया है, जहां एक तरफ अकाली दल इसे न्याय की जीत बता रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक दबाव और प्रभाव से जोड़कर देख रही है।













