02 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 को हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक अहम और दूरदर्शी कदम बताया जा रहा है। अपोलो हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें की गई घोषणाएं देश के हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
डॉ. रेड्डी के मुताबिक, बजट में पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, बीमारियों की रोकथाम पर जोर देने और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में क्षेत्रीय असमानता भी कम होगी।
बजट में घोषित बायो फार्मा शक्ति पहल को लेकर डॉ. रेड्डी ने कहा कि यह भारत के लाइफ साइंसेज़ और इनोवेशन इकोसिस्टम को नई दिशा देगी। इसके तहत नए रिसर्च संस्थानों की स्थापना और देशभर में 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल ट्रायल साइट्स विकसित की जाएंगी। इससे मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और नई दवाओं, इलाज के तरीकों और वैक्सीन के विकास में तेजी आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट में एडवांस्ड थैरेपीज़ के विकास पर फोकस भारत को वैश्विक हेल्थकेयर हब के रूप में और मजबूत बनाएगा। साथ ही, मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हब विकसित करने की घोषणा से राज्यों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मेंटल हेल्थ पर खास जोर
डॉ. रेड्डी ने बजट में मानसिक स्वास्थ्य को मिली प्राथमिकता की सराहना की। उन्होंने बताया कि NIMHANS-2 की स्थापना के तहत रांची और तेजपुर में नए संस्थान बनने से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इलाज को सस्ता बनाने की दिशा में कदम
बजट में 36 जीवनरक्षक दवाओं को ड्यूटी फ्री करने के फैसले को डॉ. रेड्डी ने मरीजों के लिए बड़ी राहत बताया। इससे इलाज का खर्च कम होगा और जरूरी दवाएं ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सकेंगी।
अंत में उन्होंने कहा कि अपोलो हॉस्पिटल्स सरकार के साथ मिलकर बजट में की गई इन घोषणाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पूरी तरह सहयोग करेगा।













