30 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: साल 2019 में शुरू हुई कोरोना महामारी ने दुनिया को यह सिखा दिया कि कोई भी नया वायरस कितनी तेजी से वैश्विक संकट बन सकता है। अब वैज्ञानिकों ने एक बार फिर नई महामारी (New Pandemic) की आशंका जताई है। इन्फ्लूएंजा-डी वायरस और कैनिन कोरोनावायरस (CCoV) को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ती जा रही है।
वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और इंसानों व जानवरों के बीच बढ़ता संपर्क नई संक्रामक बीमारियों के जोखिम को लगातार बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में ये दो वायरस भविष्य में इंसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने क्यों किया अलर्ट?
यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के शोधकर्ताओं ने चेताया है कि ये दोनों वायरस जानवरों से इंसानों में फैलने (Zoonotic Infection) की क्षमता रखते हैं। फिलहाल इनके मामले सीमित हैं, लेकिन अगर ये इंसान से इंसान में तेजी से फैलने की क्षमता विकसित कर लेते हैं, तो महामारी की स्थिति बन सकती है।
जर्नल Emerging Infectious Diseases में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, इन वायरसों में श्वसन संक्रमण पैदा करने की प्रवृत्ति देखी गई है, जो इन्हें और ज्यादा खतरनाक बनाती है।
इन्फ्लूएंजा-डी वायरस क्या है?
पहली बार 2011 में खोजा गया
मुख्य रूप से गायों और सुअरों में पाया गया
हिरण, जिराफ और कंगारू जैसे जंगली जानवरों में भी पुष्टि
कुछ अध्ययनों में इंसानों में इसके एंटीबॉडी मिले हैं
चीन में इसके एक स्ट्रेन में मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना देखी गई
वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक इसके ज्यादातर संक्रमण बिना लक्षण (Subclinical) रहे हैं, लेकिन यह वायरस तेजी से म्यूटेट होने की क्षमता रखता है।
कैनिन कोरोनावायरस (CCoV) कितना खतरनाक?
आमतौर पर कुत्तों में पेट से जुड़ी बीमारियां करता है
यह COVID-19 पैदा करने वाले SARS-CoV-2 से अलग है
दक्षिण-पूर्व एशिया में इंसानों में इसके दुर्लभ मामले सामने आए
मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम में इससे श्वसन संक्रमण के संकेत मिले
2017 और 2021 में वैज्ञानिकों ने इंसानों में इसके नए स्ट्रेन की पहचान की थी, जिससे यह साफ होता है कि वायरस प्रजातियों की सीमा पार कर सकता है।
आगे क्या करने की जरूरत?
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन:
बेहतर निगरानी (Surveillance)
तेज डायग्नोस्टिक सिस्टम
और इलाज व वैक्सीन पर रिसर्च
बहुत जरूरी है, ताकि भविष्य में कोरोना जैसी स्थिति दोबारा न बने।
निष्कर्ष:
ये दोनों वायरस फिलहाल संभावित खतरे हैं, लेकिन अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई तो ये भविष्य में नई महामारी की वजह बन सकते हैं। वैज्ञानिकों की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।











