यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 11.92 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा, राज्य कर्मचारियों के बराबर मिलेगा लाभ

30 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि अब 11.92 लाख से अधिक शिक्षक और शिक्षा कर्मी भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

यह सुविधा आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से लागू की जाएगी। इसके तहत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सभी को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार के मुताबिक इस योजना के क्रियान्वयन पर करीब 358.61 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

कैबिनेट बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी इस सुविधा में शामिल करने को मंजूरी दी गई है। इससे 2.97 लाख से ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिस पर सरकार को लगभग 89.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत कवर हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस योजना के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को फिलहाल रोक दिया गया।

कैबिनेट बैठक के अन्य अहम फैसले:

  • शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी, नक्शा पास कराने की प्रक्रिया होगी आसान।

  • बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना।

  • आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकारी आवास और भूमि पट्टा देने का निर्णय।

  • सीएम फेलो को यूपीपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में आयु सीमा में तीन साल तक की छूट और अतिरिक्त अंक देने का फैसला।

  • पीसीएस (जे) भर्ती में अब तीन साल की वकालत का अनुभव अनिवार्य किया गया।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से न सिर्फ शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था भी अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी।