फर्जी नंबर प्लेट लगी चोरी की कार रखने का मामला: आरोपी दोषी करार, अदालत ने जुर्माना लगाकर दी राहत

चंडीगढ़, 28 जनवरी 2026 Fact Recorder

Chandigarh Desk:  जिला अदालत ने चोरी की कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे अपने कब्जे में रखने के मामले में आरोपी अमनदीप सिंह को दोषी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने सजा में नरमी बरतते हुए आरोपी को केवल जुर्माना लगाकर रिहा करने का आदेश दिया, जिसे बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

अदालत ने अपने फैसले में माना कि आरोपी ने चोरी की कार को अपने पास रखा और उस पर जाली नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया, जो भारतीय दंड संहिता के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में परिवीक्षा (प्रोबेशन) का लाभ देने से समाज में गलत संदेश जा सकता है और कानून के प्रति भय कमजोर पड़ सकता है।

इसके बावजूद अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी युवक है, उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह मुकदमे के दौरान पहले ही कुछ समय जेल में बिता चुका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी के सुधार की संभावना मानते हुए सजा में नरमी बरतने का फैसला किया।

दोनों पक्षों की दलीलें

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि फर्जी नंबर प्लेट की बरामदगी के दौरान कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और जिस स्थान से बरामदगी दिखाई गई, वह सार्वजनिक था, इसलिए उस पर संदेह किया जाना चाहिए।

वहीं, सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी को चोरी की कार के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था और फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल की पुष्टि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों से होती है। उन्होंने कहा कि बरामदगी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और आरोपी की ओर से कोई ठोस बचाव साक्ष्य भी पेश नहीं किया गया।

दोनों पक्षों की दलीलें और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

पूरा मामला

मामले के अनुसार, 17 मई 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस गश्त पर थी। दोपहर करीब दो बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक युवक मारुति स्विफ्ट कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गेट नंबर-6 के पास नाका लगाया।

कुछ देर बाद संदिग्ध कार नाके की ओर आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोककर चालक से पूछताछ की, जिसने अपनी पहचान किशनगढ़ निवासी अमनदीप सिंह के रूप में बताई। वाहन के दस्तावेज मांगने पर वह कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका।

तलाशी के दौरान कार की आरसी बरामद हुई, जिसमें असली नंबर पीबी-39-डी-9813 दर्ज था, जबकि कार पर एचआर-37-बी-5369 नंबर की प्लेट लगी हुई थी। जांच में पता चला कि यह कार पंचकूला के सेक्टर-5 थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी, जिसकी शिकायत 9 मई 2015 को पटियाला निवासी गुरमीत सिंह ने दर्ज कराई थी।

इसके बाद पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट जब्त कर कार को कब्जे में लिया और आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 411 और 473 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।