टैरिफ संकट में सरकार का रणनीतिक दांव: 15 सेक्टरों में विनिर्माण बढ़ाकर 2035 तक निर्यात तीन गुना करने की योजना

24 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  वैश्विक स्तर पर बढ़ते टैरिफ और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार भारी सब्सिडी या खर्च के बजाय विनिर्माण ढांचे में सुधार और नीतिगत बदलावों के जरिए 2035 तक देश के निर्यात को तीन गुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके तहत 15 प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस योजना में हाई-एंड सेमीकंडक्टर, मेटल, लेदर और श्रम-आधारित उद्योगों जैसे सेक्टर शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य माल निर्यात को बढ़ाकर सालाना करीब 1.3 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाना और आर्थिक विकास को नई गति देना है।

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने की तीसरी बड़ी कोशिश मानी जा रही है। इससे पहले 2014 में ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और 2020 में 23 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज के जरिए जीडीपी में विनिर्माण की हिस्सेदारी 25 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दोनों प्रयासों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों में कई पहलों के बावजूद विनिर्माण वृद्धि धीमी रही, इसलिए अब एक अधिक फोकस्ड और समन्वित रणनीति अपनाई जा रही है।

लालफीताशाही घटाने पर जोर
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार एक उच्चस्तरीय पैनल का गठन कर रही है। यह पैनल बड़ी परियोजनाओं को तेज मंजूरी, जमीन की उपलब्धता और सस्ता वित्त सुनिश्चित करने पर काम करेगा। इसकी अध्यक्षता एक केंद्रीय मंत्री करेंगे, जबकि कैबिनेट सचिव समेत वरिष्ठ नौकरशाह इसमें शामिल होंगे। विनिर्माण हब का चयन मौजूदा बुनियादी ढांचे, भौगोलिक स्थिति और बंदरगाहों की नजदीकी को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

विनिर्माण हब पर होगा बड़ा निवेश
सरकार देशभर में करीब 30 विनिर्माण हब विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचे पर लगभग 100 अरब रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा चिप निर्माण और ऊर्जा भंडारण जैसे उन्नत क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए 21.8 करोड़ डॉलर का अनुदान भी दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, वैश्विक टैरिफ संकट के बीच सरकार की यह रणनीति भारत को एक मजबूत विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।