कैंसर इलाज में बिना सर्जरी बड़ी कामयाबी: दिल्ली के डॉक्टरों ने अपनाई दर्दरहित Cryoablation तकनीक

21 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच इलाज को लेकर लोगों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है। सर्जरी, कीमोथेरेपी और लंबे इलाज का डर अक्सर मरीजों को मानसिक रूप से तोड़ देता है। लेकिन अब दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों ने ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में एक नई और आधुनिक तकनीक अपनाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इस तकनीक का नाम क्रायोएब्लेशन (Cryoablation) है, जिसमें न तो चीर-फाड़ होती है और न ही असहनीय दर्द।

इस तकनीक की मदद से कैंसर सेल्स को बेहद कम तापमान पर जमाकर नष्ट किया जाता है। हाल ही में 77 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला, जो ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं और दिल की गंभीर बीमारी के कारण सर्जरी के लिए फिट नहीं थीं, उनका इसी तकनीक से सफल इलाज किया गया। जांच में ट्यूमर का आकार करीब 1.5 सेंटीमीटर पाया गया था।

डॉक्टरों ने पारंपरिक सर्जरी के बजाय क्रायोएब्लेशन को चुना, जो उत्तर भारत में इस तकनीक से ब्रेस्ट कैंसर के इलाज का पहला सफल मामला माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन की मदद से ट्यूमर की सटीक जगह तय की जाती है और एक पतली प्रोब के जरिए अत्यधिक ठंडी गैस प्रवाहित की जाती है।

करीब -170 डिग्री सेल्सियस तक की ठंडक से कैंसर सेल्स नष्ट हो जाते हैं और शरीर की इम्यून सिस्टम खुद उन्हें साफ कर देती है। पूरी प्रक्रिया लगभग 30 मिनट में पूरी हो जाती है और मरीज को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं है।