21 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: आज के दौर में दूध को सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि संपूर्ण आहार माना जाता है। हालांकि, हर दूध एक जैसा नहीं होता। भारत में अलग-अलग नस्ल की देसी गाय पाई जाती हैं और उनके दूध के पोषक तत्व भी एक-दूसरे से अलग होते हैं। कहीं प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, तो कहीं फैट और मिनरल्स भरपूर मिलते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों के अनुसार दूध की गुणवत्ता उसमें मौजूद फैटी एसिड प्रोफाइल, A2 बीटा-केसिन प्रोटीन, कैल्शियम-फॉस्फोरस के संतुलन और अन्य पोषक तत्वों पर निर्भर करती है।
ऐसे में आइए जानते हैं भारत की 5 प्रमुख देसी गायों और उनके दूध के न्यूट्रिशन के बारे में, ताकि आप अपनी जरूरत के हिसाब से सही दूध चुन सकें।
गिर गाय का दूध: हाई प्रोटीन और ब्रेन के लिए फायदेमंद
गिर गाय मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान में पाई जाती है। इसके दूध में A2 प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन A और D, ओमेगा-3 फैटी एसिड और नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। यह दूध दिमागी विकास, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार माना जाता है। कैल्शियम की अच्छी मात्रा होने के कारण यह हड्डियों और दांतों को भी मजबूत करता है। आयुर्वेद में गिर गाय के दूध और घी को सात्त्विक माना गया है।
साहिवाल गाय का दूध: हाई फैट और एनर्जी बूस्टर
साहिवाल गाय पंजाब और हरियाणा में अधिक पाई जाती है। इसके दूध में फैट की मात्रा ज्यादा होती है, साथ ही प्रोटीन, लैक्टोज, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स और कैल्शियम भी भरपूर मिलता है। यह दूध शरीर को ताकत और ऊर्जा देता है। वजन बढ़ाने वालों और गर्भवती महिलाओं के लिए इसे फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, ज्यादा वजन वालों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
लाल सिंधी गाय का दूध: आयरन और मिनरल्स से भरपूर
लाल सिंधी गाय सिंध क्षेत्र में अधिक पाई जाती है। इसके दूध में फैट के साथ-साथ आयरन, मिनरल्स, विटामिन A और B12 अच्छी मात्रा में होते हैं। यह खून की कमी दूर करने, बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने और त्वचा-बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह दूध आसानी से पच जाता है, इसलिए पेट के लिए भी हल्का होता है।
कांकरेज गाय का दूध: बैलेंस्ड न्यूट्रिशन
गुजरात और राजस्थान की कांकरेज गाय के दूध में प्रोटीन और फैट का संतुलन पाया जाता है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, A2 बीटा-केसिन और जरूरी अमीनो एसिड होते हैं। यह दूध हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करता है, जोड़ों के दर्द में राहत देता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है।
थारपारकर गाय का दूध: फैट और इम्यूनिटी के लिए बेहतर
थारपारकर गाय मुख्य रूप से रेगिस्तानी इलाकों में पाई जाती है। इसके दूध में फैट की मात्रा ज्यादा होती है, साथ ही प्रोटीन, लैक्टोज, जिंक, कैल्शियम और विटामिन D भी मौजूद होते हैं। यह दूध शरीर को ऊर्जा देने, इम्यूनिटी बढ़ाने और आयुर्वेदिक उपचारों में उपयोगी माना जाता है।
आपके लिए कौन-सा दूध है सही?
किस गाय का दूध सबसे बेहतर है, इसका सीधा जवाब नहीं है। हर दूध के फायदे अलग-अलग हैं। अगर आपको ज्यादा प्रोटीन चाहिए तो गिर या कांकरेज गाय का दूध बेहतर हो सकता है। वजन बढ़ाना या ज्यादा ऊर्जा चाहिए तो साहिवाल या थारपारकर गाय का दूध फायदेमंद रहेगा। वहीं, पाचन और आयरन की कमी के लिए लाल सिंधी गाय का दूध अच्छा विकल्प है। हालांकि, मोटापे से जूझ रहे लोगों को हाई फैट दूध का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।













