Home Business सोना-चांदी बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं? टैक्स नियम न जानने पर लग... 20 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: भारत में सोना और चांदी केवल आभूषण नहीं बल्कि निवेश का एक भरोसेमंद साधन भी हैं, लेकिन इनमें कमाई करने वालों को टैक्स नियमों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी पर लगने वाला टैक्स निवेश के प्रकार और होल्डिंग पीरियड पर निर्भर करता है। फिजिकल या डिजिटल गोल्ड और सिल्वर खरीदने पर 3% GST देना होता है, जबकि ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज के साथ 5% अतिरिक्त GST लगता है, जिसे बाद में कैपिटल गेन टैक्स से एडजस्ट नहीं किया जा सकता। जब निवेशक सोना या चांदी बेचता है तो कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। 24 महीने से अधिक समय तक होल्ड करने पर यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है और इस पर 12.5% टैक्स लगता है, जबकि 24 महीने से कम अवधि में बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार देना होता है। Sovereign Gold Bond के मामले में 2.5% सालाना ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है, लेकिन 8 साल की मैच्योरिटी पर रिडेम्पशन करने पर कैपिटल गेन टैक्स से पूरी छूट मिलती है। वहीं Gold और Silver ETF या म्यूचुअल फंड में 12 महीने तक होल्ड करने पर शॉर्ट टर्म और 12 महीने से ज्यादा पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। राहत की बात यह है कि अगर सोना या चांदी बेचने से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन होता है तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 54F के तहत उस रकम को रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश कर टैक्स में छूट ली जा सकती है, इसलिए विशेषज्ञ सही समय और टैक्स प्लानिंग के साथ निवेश करने की सलाह देते हैं।