रात में बार-बार नींद टूटना: दिल की सेहत के लिए खतरे की घंटी, जानें बचाव के उपाय

20 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  अगर आपकी भी रात में नींद बार-बार टूट जाती है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अच्छी सेहत के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी और uninterrupted नींद बेहद जरूरी मानी जाती है। हालिया रिसर्च बताती है कि बार-बार नींद टूटने की आदत दिल की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों की नींद लगातार बाधित होती है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा देखा गया है। नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है, लेकिन नींद टूटने से यह प्रक्रिया अधूरी रह जाती है, जिसका सीधा असर दिल और दिमाग पर पड़ता है।

क्यों दिल के लिए खतरनाक है नींद का टूटना?

गहरी नींद के समय दिल को आराम मिलता है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है। लेकिन बार-बार नींद टूटने से हार्ट पर दबाव बढ़ता है, शरीर में इंफ्लामेशन हो सकती है और लंबे समय में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। रिसर्च के मुताबिक, जिन लोगों की रोज 2–3 बार नींद टूटती है, उनमें हार्ट डिजीज का रिस्क करीब 30% तक बढ़ सकता है

राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार नींद टूटने का एक बड़ा कारण मानसिक तनाव और ज्यादा सोचने की आदत है। जब दिमाग जरूरत से ज्यादा एक्टिव रहता है, तो इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है। मानसिक तनाव भी हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

  • स्लीप एपनिया से पीड़ित लोग

  • लगातार मानसिक तनाव में रहने वाले

  • रात में मोबाइल या टीवी देखने की आदत वाले

कैसे करें बचाव?

  • सोने से पहले मोबाइल, टीवी और स्क्रीन से दूरी बनाएं

  • रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें

  • रात में चाय या कॉफी पीने से बचें

  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें

अगर लंबे समय से आपकी नींद बार-बार टूट रही है, तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। समय रहते ध्यान देने से दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।