पंजाब की ई-नीलामी नीति में बड़ा बदलाव: अब 10% राशि जमा कर संपत्ति पर मिलेगा लोन, खरीदारों को बड़ी राहत

19 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk:  पंजाब सरकार ने ई-नीलामी नीति में अहम बदलाव करते हुए संपत्ति खरीदारों को बड़ी राहत दी है। अब आवंटन पत्र की केवल 10% राशि और 2% कैंसर सेस जमा कर खरीदार संपत्ति पर बैंक लोन ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी अलग अनुमति के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। पहले लोन लेने के लिए 25% राशि जमा करना अनिवार्य था।

आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा किए गए इस बदलाव को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। नई नीति के अनुसार, सफल बोली के बाद 15% राशि आवंटन पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर जमा करानी होगी, जबकि पहले यह समयसीमा सिर्फ 7 दिन थी।

इसके अलावा, संपत्ति की शेष 75% राशि जमा कराने का समय अब संबंधित अथॉरिटी का मुख्य प्रशासक तय करेगा, ताकि खरीदारों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखा जा सके। पहले इसके लिए तयशुदा दो विकल्प मौजूद थे।

सरकार ने ई-नीलामी में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से व्यावसायिक संपत्तियों की पात्रता फीस में भी भारी कटौती की है। अब 5 करोड़ रुपये तक के आरक्षित मूल्य वाली संपत्तियों के लिए 10 लाख रुपये फीस देनी होगी, जबकि पहले यह फीस कहीं अधिक थी। इसी तरह ऊंचे आरक्षित मूल्यों के लिए भी फीस को तर्कसंगत बनाया गया है।

गमाडा की एससीओ, एससीएफ और बूथ श्रेणी की संपत्तियों के लिए भी पात्रता शुल्क कम किया गया है। सरकार का लक्ष्य ई-नीलामी के जरिए अधिक से अधिक संपत्तियां बेचकर राजस्व बढ़ाना है। अकेले गमाडा से 5,000 से 10,000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने की योजना है, जिसके तहत 5,450 करोड़ रुपये की संपत्तियों की नीलामी की जा रही है।

यह बदलाव रियल एस्टेट निवेशकों और आम खरीदारों—दोनों के लिए फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है।