Blinkit–Swiggy की बढ़ी मुश्किलें? क्विक कॉमर्स में अंबानी का मास्टरस्ट्रोक, रिलायंस पहुंची मुनाफे में

19 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  क्विक कॉमर्स की तेज़ होती रेस में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ऐसा दावा किया है, जिसने Blinkit और Swiggy जैसी कंपनियों की टेंशन बढ़ा दी है। कंपनी के मुताबिक, उसका 10 मिनट डिलीवरी वाला क्विक कॉमर्स बिजनेस और एफएमसीजी कारोबार अब मुनाफा कमाने लगा है। जहां बाकी बड़े खिलाड़ी अब भी घाटे से निकलने की जद्दोजहद कर रहे हैं, वहीं रिलायंस हर ऑर्डर पर पैसे बचाने और कमाने में सफल हो गई है।

आज उपभोक्ताओं की आदत बदल चुकी है—दूध, स्नैक्स या रोज़मर्रा का सामान, सब कुछ मोबाइल ऐप से मिनटों में मंगाया जा रहा है। लेकिन इतनी तेज़ डिलीवरी के मॉडल में मुनाफा कमाना हमेशा से बड़ी चुनौती रहा है। इसी चुनौती को रिलायंस ने पार करने का दावा किया है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस का क्विक कॉमर्स बिजनेस अब ‘कंट्रीब्यूशन मार्जिन पॉजिटिव’ हो गया है, यानी हर ऑर्डर कंपनी के लिए फायदे का सौदा बन चुका है।

रिलायंस ने अक्टूबर 2024 में क्विक कॉमर्स की शुरुआत की थी और बेहद कम समय में यह मुकाम हासिल कर लिया। इसके साथ ही कंपनी का तीन साल पुराना एफएमसीजी बिजनेस भी अब EBITDA स्तर पर मुनाफे में पहुंच गया है।

रिलायंस रिटेल के सीएफओ दिनेश तलुजा के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी की जबरदस्त सप्लाई चेन और सोर्सिंग पावर है। देश का सबसे बड़ा किराना रिटेलर होने के कारण रिलायंस एफएमसीजी कंपनियों से भारी मात्रा में खरीदारी करता है, जिससे उसे कम कीमतों पर सामान मिलता है। यही फायदा क्विक कॉमर्स में भी कंपनी को मिल रहा है।

मुनाफे की एक अहम वजह खाने-पीने की चीजें भी हैं। कंपनी के मुताबिक, क्विक कॉमर्स पर हर तीन में से एक ऑर्डर फूड और बेवरेज कैटेगरी से आता है, जहां मार्जिन सबसे ज्यादा होता है। आम तौर पर किराना कारोबार में 30–35% तक वेस्टेज होता है, लेकिन रिलायंस ने बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट से इस नुकसान को काफी हद तक कम कर दिया है। इसके अलावा, अब कंपनी राशन के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन प्रोडक्ट्स की भी डिलीवरी कर रही है, जिससे कमाई के नए रास्ते खुले हैं।

रिलायंस के पास करीब 3,000 स्टोर्स क्विक कॉमर्स से जुड़े हैं, जिनमें लगभग 800 डार्क स्टोर्स शामिल हैं। पुराने स्टोर नेटवर्क का इस्तेमाल करने से कंपनी की लागत कम रहती है। दिसंबर 2025 की तिमाही में कंपनी को रोज़ाना करीब 16 लाख ऑर्डर मिल रहे थे, और तिमाही आधार पर ऑर्डर्स में 53% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके उलट, Blinkit और Swiggy जैसे बड़े खिलाड़ी अब भी कुल मिलाकर घाटे में हैं। Blinkit कुछ चुनिंदा शहरों में मुनाफा कमा रहा है, लेकिन तेज़ विस्तार के कारण खर्च बढ़ा हुआ है। Swiggy का घाटा जरूर कम हुआ है, लेकिन कंपनी अभी पूरी तरह मुनाफे में नहीं पहुंची है। ऐसे में क्विक कॉमर्स की इस जंग में रिलायंस की बढ़त बाकी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बनती दिख रही है।