पढ़ाई के साथ स्किल्स भी: UP बोर्ड ने 9th-11th के सिलेबस में किया बड़ा बदलाव

19 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Education Desk:  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने स्कूली शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में अहम कदम उठाया है। बोर्ड ने एकेडमिक सेशन 2026 से कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के लिए वोकेशनल यानी व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले का मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

UP बोर्ड की सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कई विशेषज्ञ समितियों की मंजूरी के बाद वोकेशनल ट्रेड से जुड़े नए करिकुलम को अंतिम रूप दिया गया है। इन पाठ्यक्रमों में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और उससे जुड़े विषयों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी और वेलनेस जैसे रोजगारोन्मुखी ट्रेड शामिल किए गए हैं। करिकुलम को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र स्कूल स्तर से ही जरूरी स्किल्स हासिल कर सकें।

उन्होंने बताया कि करिकुलम तैयार करने से पहले विषय विशेषज्ञों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा प्रोसेस अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह और स्कंद शुक्ला के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। करिकुलम बनाते समय मौजूदा तकनीकी जरूरतों, इंडस्ट्री की मांग और छात्रों की रोजगार क्षमता को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है।

बोर्ड सचिव के मुताबिक, नए पाठ्यक्रमों में प्रैक्टिकल और स्किल-बेस्ड विषयों पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें ऐसे व्यावहारिक कौशल देना है, जो आगे चलकर नौकरी या स्वरोजगार में काम आ सकें। इससे छात्रों की दक्षता बढ़ेगी और वे भविष्य में बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।

यूपी बोर्ड का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप माना जा रहा है, जिसमें स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से स्कूल शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी।

भगवती सिंह ने यह भी बताया कि आने वाले समय में अन्य व्यावसायिक ट्रेड के लिए भी करिकुलम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को ज्यादा विकल्प मिल सकें। इस पूरे कार्य में भोपाल स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन और कई विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यूपी बोर्ड का यह फैसला शिक्षा को ज्यादा उपयोगी और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।