चंडीगढ़, 17 जनवरी 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: हरियाणा के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल पुलिसिंग प्लेटफॉर्म को अपनाने से पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-हितैषी बनी है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित ये पहल न केवल नागरिकों को सशक्त बना रही हैं, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यकुशलता और प्रभावशीलता को भी बढ़ावा दे रही है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि गृह मंत्रालय के अंतर्गत विकसित डिजिटल पुलिस पोर्टल (https://digitalpolice.gov.in/) नागरिकों को एक ही मंच पर अनेक पुलिस सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है। इसके माध्यम से अपराध एवं साइबर अपराध संबंधी शिकायत दर्ज करना, शिकायतों की स्थिति जानना, एफआईआर की प्रति प्राप्त करना, लापता व्यक्तियों, चोरी अथवा बरामद वाहनों तथा वांछित अपराधियों से संबंधित जानकारी हासिल करना अब सरल और सुलभ हो गया है। इसके साथ-साथ घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, किरायेदारों व कर्मचारियों के पूर्ववृत्त सत्यापन तथा पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) की सुविधा ने पुलिस थानों के अनावश्यक चक्कर कम किए हैं।
उन्होंने कहा कि लापता व्यक्ति की तलाश करना, वाहन एनओसी जारी करना, निकटतम पुलिस स्टेशन की जानकारी, घोषित अपराधियों का विवरण तथा सीईआईआर प्रणाली के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक व बरामद होने पर अनब्लॉक करने जैसी सुविधाएं नागरिक सुरक्षा की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल पुलिसिंग प्रणाली आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम ( सीसीटीएनएस) सर्च, इंटरआपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम( आईसीजेएस), आतंकवाद मामलों की निगरानी, साइबर प्रशिक्षण मॉड्यूल और अपराध विश्लेषण उपकरणों से जांच प्रक्रिया, डेटा-आधारित पुलिसिंग और अंतर-एजेंसी समन्वय को मजबूती मिली है। यौन अपराध, मानव तस्करी, विदेशी अपराधी तथा नकली मुद्रा से जुड़े राष्ट्रीय डेटाबेस अपराधियों की त्वरित पहचान और प्रभावी अपराध-नियंत्रण रणनीतियों को सक्षम बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये डिजिटल उपकरण हरियाणा पुलिस को स्मार्ट पुलिसिंग की राष्ट्रीय सर्वोत्तम के अनुरूप आगे बढ़ा रहे हैं। नागरिक सेवाओं और उन्नत जांच प्लेटफार्मों का एकीकरण सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें सार्वजनिक सुविधा और मजबूत आंतरिक सुरक्षा तंत्र के बीच संतुलन बनाए रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों और पुलिस कर्मियों के बीच निरंतर क्षमता निर्माण और जागरूकता के माध्यम से हरियाणा में डिजिटल पुलिसिंग की पहल और अधिक प्रभावी सिद्ध होगी।













