Mumbai Mayor Update: मुंबई को कब मिलेगा नया मेयर? कैसे होता है चुनाव और क्या होती हैं जिम्मेदारियां

17 January 2026 Fact Recorder

National Desk:  महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों के नतीजों ने मुंबई की सियासत में बड़ा बदलाव कर दिया है। दशकों से बीएमसी पर काबिज ठाकरे परिवार का दबदबा खत्म हो गया है और महायुति ने शानदार जीत दर्ज की है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुंबई को नया मेयर कब मिलेगा और मेयर के चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी।

BMC चुनाव नतीजे क्या कहते हैं?

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है।

  • बीजेपी: 88 सीटें

  • शिवसेना (शिंदे गुट): 28 सीटें

  • उद्धव ठाकरे गुट: 67 सीटें

  • एमएनएस: 6 सीटें

  • कांग्रेस: 24 सीटें

  • अन्य/निर्दलीय: 10 सीटें

इन आंकड़ों के आधार पर साफ है कि अब बीएमसी में महायुति का मेयर बनेगा और लंबे समय बाद मुंबई की सत्ता से ठाकरे परिवार बाहर हो गया है।

मुंबई को नया मेयर कब मिलेगा?

सूत्रों के मुताबिक, मेयर के चुनाव में अभी करीब एक हफ्ते का वक्त लग सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दावोस इन्वेस्टमेंट समिट के लिए रवाना होने वाले हैं और 25 जनवरी को लौटेंगे। ऐसे में संभावना है कि मेयर का चुनाव 26 जनवरी के बाद कराया जाएगा।

मेयर का चुनाव कैसे होता है?

मुंबई में मेयर का चुनाव सीधे जनता नहीं करती।

  • बीएमसी के चुने हुए कॉर्पोरेटर अपने बीच से मेयर चुनते हैं।

  • जिस गठबंधन या पार्टी के पास बहुमत होता है, उसी का उम्मीदवार मेयर बनता है।

  • कुछ दिनों में बीएमसी कमिश्नर मेयर चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया की घोषणा करेंगे।

  • इसके बाद मेयर कैटेगरी के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा और फिर मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव होगा।

मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है। परंपरा के मुताबिक, इसके बाद बचे हुए कार्यकाल में फिर से सत्तारूढ़ दल का ही मेयर चुना जाता है।

मेयर की क्या होती हैं जिम्मेदारियां?

मुंबई का मेयर शहर का पहला नागरिक माना जाता है।

  • वह बीएमसी की जनरल बॉडी का अध्यक्ष होता है।

  • मासिक और विशेष बैठकों को बुलाना और उनकी अध्यक्षता करना उसकी मुख्य जिम्मेदारी है।

  • सदन में नागरिक मुद्दों पर चर्चा को नियंत्रित करना, प्रस्तावों पर वोटिंग कराना और अनुशासन बनाए रखना भी मेयर की भूमिका का अहम हिस्सा है।

हालांकि प्रशासनिक शक्तियां म्युनिसिपल कमिश्नर के पास होती हैं, लेकिन मेयर का पद राजनीतिक और संवैधानिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।

निष्कर्ष:
बीएमसी चुनावों के बाद मुंबई की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो चुका है। अब 26 जनवरी के बाद शहर को नया मेयर मिलने की उम्मीद है, जो आने वाले ढाई साल तक मुंबई का पहला नागरिक होगा।