शीतलहर में स्ट्रोक का खतरा: किन लोगों को ज्यादा जोखिम, ये 5 गलती बिल्कुल न करें

15 January 2026 Fact Recorder

Health Desk: देश के कई इलाकों में ठंड बढ़ने और शीतलहर के साथ स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक एक खतरनाक स्थिति है, जिसमें अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के पूर्व HOD डॉ. दलजीत सिंह बताते हैं कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज वाले लोग, धूम्रपान करने वाले और 60 साल से अधिक उम्र के लोग इस मौसम में स्ट्रोक के अधिक जोखिम में रहते हैं।

शीतलहर में स्ट्रोक क्यों बढ़ता है:
ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट पर दबाव बढ़ता है। इसके कारण शरीर में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा रहता है। यदि यह क्लॉट दिमाग में बन जाए, तो स्ट्रोक हो सकता है। स्ट्रोक दो प्रकार का होता है, और दोनों ही खतरनाक हैं।

सर्दियों में बचने के लिए इन गलतियों से बचें:

  1. अचानक ठंड में बाहर निकलना। हमेशा बाहर जाने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग और गर्म कपड़े पहनें।

  2. शरीर में पानी की कमी। दिन में कम से कम 7-8 गिलास पानी पीएं।

  3. खानपान में लापरवाही। हाई फैट और ज्यादा नमक वाला खाना न खाएं, क्योंकि नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।

  4. धूम्रपान और शराब का सेवन। ये ब्लड क्लॉट के खतरे को बढ़ाते हैं।

  5. अपनी स्वास्थ्य स्थितियों को अनदेखा करना। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज अपनी दवाइयों और चेकअप पर ध्यान दें।

ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण:

  • धुंधला दिखना

  • चक्कर आना

  • सिर में तेज दर्द

  • चलने-फिरने में परेशानी

  • बोलने में कठिनाई

सर्दियों में इन सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, खासकर उच्च जोखिम वाले लोगों को। समय रहते सही उपाय और इलाज स्ट्रोक से जान और स्वास्थ्य दोनों बचा सकते हैं।