15 January 2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिका के संभावित हमले की आशंकाओं के बीच ईरान की सरकारी टीवी ने एक ऐसा वीडियो प्रसारित किया है, जिसने वाशिंगटन से लेकर पूरी दुनिया तक हलचल मचा दी है। इस वीडियो में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाने का दृश्य दिखाया गया है। यह फुटेज साल 2024 का है, जब पेंसिल्वेनिया में चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप पर हमला हुआ था और गोली उनके कान के पास से गुजर गई थी, जिससे वे बाल-बाल बच गए थे।
ईरान की सरकारी टीवी ने इस वीडियो के साथ बेहद भड़काऊ कैप्शन चलाया, जिसमें कहा गया कि “इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी”। इस बयान को ट्रंप के खिलाफ सीधी जान से मारने की धमकी के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
यह पहली बार नहीं है जब ईरान पर ट्रंप को निशाना बनाने के आरोप लगे हों। जुलाई 2025 में अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन से बातचीत के दौरान रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने दावा किया था कि ईरान कई बार डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश कर चुका है। उनके मुताबिक, तेहरान ऐसा कर यह संदेश देना चाहता है कि उसके प्रभाव से कोई भी सुरक्षित नहीं है।
इन आरोपों से पहले फरवरी 2025 में खुद डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि अगर ईरान उनकी हत्या करता है, तो उन्होंने ईरानी राज्य के पूर्ण विनाश का आदेश देने की बात कही थी।
अमेरिका और ईरान आमने-सामने
ईरान के भीतर इस वक्त हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और खामेनेई सरकार विरोध को दबाने के लिए सख्त कदम उठाने की चेतावनी दे चुकी है।
वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान अपने नागरिकों पर दमनकारी कार्रवाई करता है, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। उनका कहना है कि ईरान में हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हमले की तैयारी के संकेत
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान पर संभावित कार्रवाई को लेकर वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच कई हाईलेवल मीटिंग्स हो चुकी हैं। इससे पहले जून 2025 में भी परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।
कुल मिलाकर, ईरानी सरकारी टीवी की इस धमकी भरे संदेश ने पहले से तनावपूर्ण हालात को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया है, जिससे अमेरिका-ईरान टकराव के और गहराने की आशंका बढ़ गई है।













