सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
युद्ध नशेयां विरुद्ध 2.0: डॉ. बलबीर सिंह ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ व्यापक लहर और नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों की वकालत की
डिप्टी कमिश्नरों को आई.टी.आई., एन.जी.ओ. और उद्योगों से सहयोग करने के निर्देश दिए ताकि नशों से उबर रहे व्यक्तियों को रोजगार आधारित कौशलों से लैस करके समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके
चंडीगढ़, 13 जनवरी 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार राज्य से नशों का पूर्ण उन्मूलन करने के लिए, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ 2.0 के तहत गांवों में चलायी जा रही पदयात्राओं की प्रगति का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डिप्टी कमिश्नरों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
लोगों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने इन पदयात्राओं को प्रभावी और समावेशी बनाने पर बल दिया, जिसके तहत कार्यान्वयन आधारित दृष्टिकोण से हटकर इसे व्यापक स्तर पर जन आंदोलन में बदला जाएगा।
नशा पीड़ितों की रिकवरी और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सशक्त बनाने की महत्वता को उजागर करते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे आई.टी.आई., कृषि विकास केंद्रों, गैर-सरकारी संगठनों और उद्योगों से सहयोग करें ताकि नशे की लत से उबर रहे व्यक्तियों को नौकरी-आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘नशा पीड़ितों के लिए सफल पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।’
डॉ. बलबीर सिंह ने डिप्टी कमिश्नरों को पदयात्राओं के लिए अधिक से अधिक लोगों को जुटाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यह मुहिम किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है और न ही चुनाव संबंधी लाभ लेने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘यह पहल हमारी आने वाली पीढ़ियों को बचाने के बारे में है। इस नेक काम के लिए, हमें सभी राजनीतिक और अन्य पक्षपातों से ऊपर उठना चाहिए और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।’
समाज में कलंक मानने की प्रवृत्ति को कम करने की महत्वता को उजागर करते हुए, मंत्री ने कहा कि ये पदयात्राएं कलंक मानने की प्रवृत्ति को कम करने संबंधी सरकार की पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, क्योंकि यह सामाजिक कलंक नशा पीड़ितों को मदद और पुनर्वास प्राप्त करने के रास्ते में बाधा बनता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को इस मुहिम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इसे एक जन आंदोलन में बदलने का आह्वान किया।
बैठक में सीईओ, स्टेट हेल्थ एजेंसी कम नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संयम अग्रवाल, डायरेक्टर ईएसआई डॉ. अनिल गोयल और डिप्टी सीईओ एसएचए डॉ. जतिंदर कांसल तथा डॉ. सुरिंदर कौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।













