09 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि केवल चंडीगढ़ या ट्राइसिटी के लिए मेट्रो परियोजना लाभकारी साबित नहीं होगी। मेट्रो तभी प्रभावी होगी जब इसे पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों जैसे डेराबस्सी, अंबाला, राजपुरा और अन्य क्षेत्रों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो इसका उदाहरण है, जहां भारी खर्च के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सेक्टर-27 में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रशासक ने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ एक हेरिटेज सिटी है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए पूरे शहर को मेट्रो के लिए खोदना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस विषय में उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से भी चर्चा की है और सुझाव दिया है कि बाहरी शहरों को जोड़ते हुए चंडीगढ़ तक मेट्रो लाई जाए, जहां पिक-एंड-ड्रॉप प्वाइंट बनाया जा सकता है। केवल चंडीगढ़ या ट्राइसिटी के भीतर मेट्रो से ज्यादा फायदा नहीं होगा।
प्रशासक ने यह भी कहा कि मेट्रो पर होने वाले खर्च से शहर में निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है, जो आम लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी होगी। इसी दौरान उन्होंने घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र से शहर के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक के छात्रों को मुफ्त किताबें दी जाएंगी।
इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुए हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ में पुरानी अंडरग्राउंड पानी की पाइप लाइनों की पहचान कर उन्हें बदला जाएगा। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब ऐसी तकनीक उपलब्ध है, जिससे भूमिगत पाइप लाइनों में लीकेज या खराबी का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर को 24 घंटे पानी की आपूर्ति की जरूरत नहीं है। सुबह और शाम के समय दी जाने वाली जल आपूर्ति शहरवासियों के लिए पर्याप्त है। मालिकाना हक, लाल डोरा और शेयर-वाइज रजिस्ट्री जैसे मुद्दों पर उन्होंने कहा कि इन्हें सुलझाने में अभी समय लगेगा।
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए प्रशासक ने कहा कि देश में दल बदल कानून की जरूरत है और इसे निचले स्तर पर संवैधानिक रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह राय भी रखी कि मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार नहीं होना चाहिए और उनकी संख्या कुल पार्षदों के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मेयर के कार्यकाल को लेकर कटारिया ने कहा कि वह इसके विस्तार के पक्ष में हैं। मेयर का कार्यकाल ढाई या पांच साल करने से जुड़े प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और इस मुद्दे पर वह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।
चंडीगढ़ में एसएसपी की नियुक्ति को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यूटी में पंजाब कैडर का ही एसएसपी रहेगा और पंजाब-हरियाणा अधिकारियों के 60:40 के अनुपात की व्यवस्था जारी रहेगी। साथ ही प्रशासन के तहत कार्यरत करीब 25 हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा के लिए भी नई नीति तैयार की जाएगी।
अंत में प्रशासक ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याएं लेकर कभी भी उनके पास आ सकते हैं, लेकिन फोटो खिंचवाने या गुलदस्ता लाने की जरूरत नहीं है।













