09 January 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी से शुक्रवार को बागवान संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब सीजन–2025 की भुगतान प्रक्रिया से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों और बागवानों की समस्याओं से मंत्री को अवगत करवाया।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बागवानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और समस्याओं पर तथ्यों के आधार पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बागवानों के हितों, जमीनी परिस्थितियों और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए एचपीएमसी द्वारा सेब एमआईएस सीजन–2025 के दौरान जारी फल रसीदों के आधार पर नकद एवं वस्तु के रूप में भुगतान से संबंधित दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया है और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
मंत्री ने बताया कि नई अधिसूचना के अनुसार अब केवल उन्हीं बागवानों से राजस्व अभिलेख (खाता-खतौनी) एकत्र किए जाएंगे, जिनके पास एमआईएस सीजन–2025 के अंतर्गत 100 बैग से अधिक सेब की फल रसीदें हैं। अन्य सभी मामलों में पहले से लागू नियम एवं शर्तें यथावत रहेंगी।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य वास्तविक उत्पादक बागवानों को सुविधा प्रदान करना, अनावश्यक दस्तावेजी औपचारिकताओं को कम करना तथा भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना है। जगत सिंह नेगी ने दोहराया कि प्रदेश सरकार बागवानों के कल्याण और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी।













