08 January 2026 Fact Recorder
National Desk: महाराष्ट्र में चल रहे निकाय चुनावों के बीच राजनीति गरमा गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत 29 नगर निकायों के चुनाव प्रचार के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने एकजुट होकर मौजूदा सत्ता पर तीखा हमला बोला है। दोनों ठाकरे भाइयों का यह संयुक्त इंटरव्यू ‘सामना’ को दिया गया, जिसे संजय राउत और फिल्म निर्देशक महेश मांजरेकर ने लिया।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि भले ही आज महाराष्ट्र में मराठी नेता सत्ता में हैं, लेकिन असली फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के शासक दिल्ली के “मालिकों” के इशारे पर काम कर रहे हैं और जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र की अस्मिता के बजाय केंद्र के हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वहीं राज ठाकरे ने कहा कि आज का संकट सिर्फ किसी एक पार्टी या नेता का नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के अस्तित्व का सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर मराठी समाज अब भी एकजुट नहीं हुआ तो इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा। राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को भ्रष्टाचार पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं होने की बात कही और पुराने आरोपों की याद दिलाई।
दोनों नेताओं ने 20 साल बाद एक साथ आने के फैसले को महाराष्ट्र की मजबूरी बताया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को तोड़ने, उसका चुनाव चिन्ह छीनने और पार्टी को खत्म करने की कोशिश का मकसद महाराष्ट्र को कमजोर करना था। वहीं राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने का पुराना एजेंडा एक बार फिर सक्रिय हो रहा है।
राज ठाकरे ने कहा कि केंद्र और राज्य में बैठे लोग मराठी समाज को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं—कभी जाति के नाम पर, कभी भाषा के नाम पर—ताकि मराठी एकजुट न हो सकें। उन्होंने कहा कि अगर यही ताकतें बीएमसी में भी सत्ता में आ गईं, तो मराठी मानुस पूरी तरह हाशिये पर चला जाएगा।
इंटरव्यू में दोनों नेताओं ने साफ कहा कि उनका साथ आना भावनात्मक नहीं, बल्कि महाराष्ट्र को बचाने की राजनीतिक जरूरत है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अलग-अलग चूल्हे जलाने से फायदा सिर्फ महाराष्ट्र को तोड़ने वाली ताकतों को होगा। इसलिए समय की मांग है कि मराठी समाज एकजुट होकर अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा करे।













