06 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने जामनगर रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल की सप्लाई से जुड़ी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को गलत बताया है, जिसमें दावा किया गया था कि रूसी तेल से लदे तीन जहाज जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं। रिलायंस का कहना है कि ये खबरें न सिर्फ तथ्यहीन हैं, बल्कि कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली भी हैं।
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने साफ कहा कि पिछले लगभग तीन हफ्तों में जामनगर रिफाइनरी को रूसी कच्चे तेल की कोई खेप नहीं मिली है और जनवरी महीने में भी किसी डिलीवरी की कोई उम्मीद नहीं है। कंपनी ने आरोप लगाया कि उसके स्पष्ट खंडन के बावजूद रिपोर्ट प्रकाशित की गई, जो निष्पक्ष पत्रकारिता के मानकों के खिलाफ है।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट पर नाराजगी
रिलायंस ने कहा कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि रूसी तेल से भरे तीन टैंकर जामनगर रिफाइनरी की ओर जा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि कंपनी ने जनवरी में रूसी तेल की किसी भी खरीद से इनकार किया है। आरआईएल ने इसे “पूरी तरह झूठा” बताते हुए कहा कि ऐसी खबरें कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं।
ब्लूमबर्ग का दावा क्या था
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि कम से कम तीन टैंकर, जिनमें करीब 22 लाख बैरल यूराल्स ग्रेड रूसी कच्चा तेल लदा है, जामनगर कैंपस की ओर संकेत कर रहे हैं। रिपोर्ट में शिप-ट्रैकिंग डेटा एनालिसिस फर्म केप्लर का हवाला दिया गया था, जो जहाजों के लाइव सिग्नल के आधार पर उनकी आवाजाही पर नजर रखती है।
हालांकि, ब्लूमबर्ग ने यह भी उल्लेख किया कि रिलायंस के एक प्रवक्ता ने इन दावों को नकारते हुए कहा है कि जनवरी में डिलीवरी के लिए रूसी कच्चे तेल की कोई शिपमेंट कंपनी के पास नहीं है और भारत के पास पहुंचने पर जहाजों के डेस्टिनेशन बदल भी सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच बयान
रिलायंस का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की ओर से भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को लेकर सख्त रुख अपनाने और भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की चेतावनी दी गई है। ऐसे माहौल में कंपनी ने रूसी तेल से जुड़ी किसी भी अटकल को पूरी तरह खारिज करते हुए अपनी स्थिति साफ कर दी है।













