02 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का असर तेज हो गया है। नए साल की शुरुआत के साथ प्रदेश के कई ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे लंबे समय से चले आ रहे सूखे जैसे हालात से राहत मिली है। मंडी जिले के कमरुनाग में बर्फबारी के बाद पवित्र झील जम गई है, जबकि शिकारी देवी, त्रियुंड, हिमानी चामुंडा और डलहौजी में भी बर्फ की चादर बिछ गई।
राजधानी शिमला, कुफरी और नारकंडा में हल्के फाहे गिरे, वहीं कुल्लू, मंडी, ऊना, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और चंबा के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। मौसम बदलने से दिन के तापमान में आठ डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। शिमला में अधिकतम तापमान 10 डिग्री, मनाली में 9.4 डिग्री और धर्मशाला में 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
125 साल में छठा सबसे सूखा दिसंबर
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर 2025 बीते 125 वर्षों में हिमाचल के लिए छठा सबसे सूखा रहा। पूरे महीने में सामान्य से 99 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिसंबर में बारिश और बर्फबारी बेहद कम रही।
किसानों-बागवानों में खुशी
बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों में उम्मीद जगी है। बागवानी विशेषज्ञों के मुताबिक यह मौसम सेब सहित अन्य फसलों के लिए बेहद लाभकारी है। हालांकि किसान और बागवान अब और अधिक बारिश-बर्फबारी की आस लगाए बैठे हैं।
मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 7 जनवरी तक मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में 4 जनवरी तक सुबह-शाम घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
लाहौल में हिमस्खलन
लाहौल के खंगसर गांव के सामने पीर पंजाल की चोटी से हिमस्खलन हुआ, हालांकि किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
कमरुनाग में प्रशासन अलर्ट
कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने बर्फबारी को देखते हुए दुकानदारों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। देवता के गूर ने पुष्टि की है कि बर्फबारी से कमरुनाग की पवित्र झील पूरी तरह जम गई है।













