02 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: ईरान में पांच दिन से जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच अली खामेनेई की सरकार ने अमेरिका और यूरोप से जुड़े सात एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। ईरान की खुफिया एजेंसी ने दावा किया है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान उपयोग किए जा रहे 100 हथियार भी पश्चिमी देशों से भेजे गए थे। सरकार का कहना है कि देश के खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है।
तस्नीम और मेहर न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार एजेंटों में से पांच अमेरिका में स्थित राजशाहीवादी समूहों से जुड़े थे और दो यूरोप स्थित विरोधी नेटवर्क से। खामेनेई के सलाहकार जनरल हुसैन अशतरी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के पीछे राष्ट्रीय एकता तोड़ने और सामाजिक विभाजन फैलाने की साजिश है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन जल संकट और लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण शुरू हुए थे। व्यापारी, छात्र और महिलाएं इस आंदोलन में शामिल हुईं। सरकार का कहना है कि शुरू में यह मुद्दे आधारित प्रदर्शन था, लेकिन अब इसे विदेशी ताकतें सत्ता परिवर्तन की कोशिश के लिए भुनाने की कोशिश कर रही हैं। ईरान ने 1953 में सीआईए द्वारा कराए गए तख्तापलट का उदाहरण भी याद दिलाया।
ईरान की खुफिया एजेंसी अब तस्करों और हथियार भेजने वालों की पहचान और गिरफ्तारी में लगी है, ताकि आंदोलन को सरकार के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल होने से रोका जा सके।













