02 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: बीते एक साल में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल का सीधा असर गोल्ड लोन पर पड़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 तक बैंकों से लिए गए गोल्ड लोन में सालाना आधार पर 125 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने की बढ़ती कीमतों से कोलेटरल वैल्यू बढ़ी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा लोन मिल सका।
चौंकाने वाले आंकड़े
आरबीआई के अनुसार, गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ने वाली लोन कैटेगरी बनकर उभरी है।
नवंबर 2023: ₹89,800 करोड़
नवंबर 2024: ₹1.59 लाख करोड़
नवंबर 2025: ₹3.5 लाख करोड़
सिर्फ 2025 में सोने की कीमतों में करीब 64 फीसदी का इजाफा हुआ है। 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए लगभग ₹1.35 लाख तक पहुंच गया है।
गोल्ड लोन बाजार में बैंकों की बढ़त
आरबीआई की ट्रेंड्स एंड प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड लोन के बाजार में बैंकों ने एनबीएफसी को पीछे छोड़ दिया है।
बैंकों की हिस्सेदारी: 50.35%
एनबीएफसी की हिस्सेदारी: शेष बाजार
मुथूट फाइनेंस, मनप्पुरम फाइनेंस और आईआईएफएल फाइनेंस प्रमुख गोल्ड लोन प्रदाता बने हुए हैं। सितंबर के अंत तक बैंकों और एनबीएफसी के संयुक्त गोल्ड लोन की कुल बकाया कर्ज में हिस्सेदारी 5.8 फीसदी रही।
व्हीकल लोन बढ़ा, कंज्यूमर लोन में नरमी
जीएसटी में कटौती और त्योहारी छूट के चलते व्हीकल लोन नवंबर के अंत तक बढ़कर ₹6.8 लाख करोड़ पहुंच गया, जिसमें 11 फीसदी की वृद्धि हुई।
वहीं, त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद कंज्यूमर और पर्सनल लोन की कुछ श्रेणियों में गिरावट दर्ज की गई।
पर्सनल लोन: 12.7%
कमर्शियल इमूवेबल एसेट: 12.5%
सर्विस सेक्टर: 11.7%
हाउसिंग और सेक्टोरल लोन का हाल
ब्याज दरों में नरमी के चलते हाउसिंग सेक्टर को दिए गए लोन में 9.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह ₹31.9 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
वहीं, व्यापार क्षेत्र को दिए गए बैंक लोन में सबसे ज्यादा 14 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
आईसीआईसीआई बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन के बाद उपभोक्ता मांग में कुछ नरमी आई है और सैलरी ग्रोथ में तेजी आने तक यह स्थिति बनी रह सकती है।













