02 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित आवास पर गुरुवार देर रात तक महायुति नेताओं की अहम बैठकें चलीं। बैठक का उद्देश्य चुनावी समीकरण बिगाड़ने वाले बागी उम्मीदवारों को मनाकर नामांकन वापस दिलाना रहा। भाजपा ठाणे शहर जिलाध्यक्ष संदीप लेले और ठाणे चुनाव प्रभारी विधायक निरंजन डावखरे ने शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
संदीप लेले ने बताया कि पिछली बार गठबंधन न होने के कारण 125 वार्डों में चुनाव लड़ा गया था, जबकि इस बार महायुति बनने से यह संख्या घटकर 40 रह गई है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के हितों और गठबंधन की मजबूती—दोनों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जा रहा है। दोनों दलों ने कुल 3035 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें से कई से संपर्क हो चुका है और कुछ ने नामांकन वापस भी ले लिया है।
शुक्रवार तक लौट सकते हैं ज्यादातर नामांकन
संदीप लेले के अनुसार शुक्रवार तक अधिकांश बागी उम्मीदवार नामांकन वापस ले लेंगे। उन्होंने संकेत दिए कि कुछ स्थानों पर भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवार बिना विरोध निर्वाचित हो सकते हैं। विधायक निरंजन डावखरे ने कहा कि अपक्ष फॉर्म भरने वाले उम्मीदवारों को समझाने की प्रक्रिया जारी है ताकि पार्टी और कार्यकर्ताओं—दोनों को नुकसान न हो।
बैठक में मंत्री भरत गोगावाले सहित महायुति के अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (शिंदे गुट) की 5 और भाजपा की 4 सीटों पर निर्विरोध जीत की संभावना पर भी चर्चा हुई।
महायुति ने 15 सीटों पर बनाई निर्विरोध जीत की स्थिति
महायुति को केडीएमसी समेत राज्य की विभिन्न महापालिकाओं में बड़ी राहत मिली है।
भाजपा: केडीएमसी 5, धुले 2, पनवेल 1, भिवंडी 1 — कुल 9 सीटें
शिवसेना (शिंदे गुट): केडीएमसी 4, जलगांव 1 — कुल 5 सीटें
एनसीपी (अजित पवार गुट): अहिल्यानगर 1 — कुल 1 सीट
इस तरह भाजपा–शिवसेना–एनसीपी गठबंधन महायुति के खाते में राज्यभर में कुल 15 सीटों पर निर्विरोध जीत की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है।













