31 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में नए साल से पहले कई अहम और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगी। करीब पांच घंटे चली इस बैठक में सरकार ने कुल 2,231 पद भरने, बद्दी में नया शहर विकसित करने और बिलासपुर के घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने जैसे बड़े निर्णय लिए।
मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 53 पदों सहित विभिन्न श्रेणियों के 121 पद भरने की मंजूरी दी। इसके अलावा असिस्टेंट स्टाफ नर्सिंग पॉलिसी के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 600 असिस्टेंट स्टाफ नर्स के पद सृजित किए जाएंगे। वहीं, एमडी और एमएस की योग्यता प्राप्त फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक पे का 20 प्रतिशत इंसेंटिव देने का भी फैसला लिया गया।
जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 40 पद तथा ग्रामीण विकास विभाग में खंड विकास अधिकारी के 10 पद सीधे भर्ती से भरे जाएंगे। इसके साथ ही राज्य के 100 चयनित सीबीएसई स्कूलों के लिए एक अलग सब-कैडर बनाने को भी स्वीकृति दी गई है।
सामाजिक कल्याण के तहत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का दायरा बढ़ाया गया है। अब धर्मशाला के टोंग-लेन स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों, 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग माता-पिता वाले बच्चों, एक अभिभावक की मृत्यु और दूसरे द्वारा परित्यक्त बच्चों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल-चंडीगढ़ सीमा पर शीतलपुर में विश्वस्तरीय टाउनशिप विकसित करने और रियल एस्टेट नियमों में संशोधन कर पारदर्शिता बढ़ाने का निर्णय लिया। ऊना जिले में एसडीआरएफ को नई जगह स्थानांतरित करने, चरवाहों के लिए आजीविका और रोजगार से जुड़ी विशेष परियोजना को मंजूरी देने और दुग्ध प्रसंस्करण व चिलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के फैसले भी लिए गए।
शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने घुमारवीं में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत मल्टीडिसिप्लिनरी डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को मंजूरी दी है। यह विश्वविद्यालय इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, उद्यमिता और रिसर्च पर केंद्रित होगा।
इसके अलावा भूमि संरक्षण अधिनियम में संशोधन, छोटे दुकानदारों के लिए राहत योजना, पिछड़ा वर्ग आयोग का मुख्यालय धर्मशाला स्थानांतरित करने, नशा मुक्ति केंद्र खोलने, ऊर्जा नीति में संशोधन और अनुकंपा के आधार पर रोजगार देने जैसे कई फैसलों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
कुल मिलाकर, हिमाचल कैबिनेट की इस बैठक को रोजगार, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से नए साल की मजबूत शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।













