टाइप-5 डायबिटीज़: क्या गरीबी और कुपोषण भी इसका कारण बन सकते हैं? जानिए इस नए प्रकार के डायबिटीज़ के बारे में

30 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: टाइप-5 डायबिटीज़ पर दुनियाभर में शायद ही कभी चर्चा होती हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह लगभग 2.5 करोड़ (25 मिलियन) लोगों को प्रभावित करती है।
टाइप-5 डायबिटीज़ को मिली आधिकारिक मान्यता

इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन (IDF) ने वर्ल्ड डायबिटीज़ कांग्रेस 2025 में इस नए टाइप को आधिकारिक रूप से मान्यता दी। यह किसी खास लाइफस्टाइल से जुड़ी बिमारी नहीं है, बल्कि यह कुपोषण और पोषण की कमी से संबंधित है।

टाइप-5 डायबिटीज़ का कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, टाइप-5 डायबिटीज़ बचपन में पोषण की कमी के कारण होती है। यह मुख्य रूप से उन किशोरों और युवाओं में देखी जाती है जिनका वजन कम होता है या जिन्होंने बचपन में पर्याप्त पोषक तत्व वाला आहार नहीं लिया। कुपोषण के कारण अग्न्याशय (पैंक्रियास) की इंसुलिन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है।

टाइप-5 डायबिटीज़ के लक्षण

इस डायबिटीज़ के लक्षण अन्य प्रकार के डायबिटीज़ जैसे होते हैं:

  • अत्यधिक प्यास लगना

  • बार-बार पेशाब आना

  • थकान महसूस होना

  • वजन कम होना

  • धुंधला दिखना

  • घाव देर से भरना

इसके साथ-साथ कुपोषण के लक्षण भी हो सकते हैं:

  • अत्यधिक पतलापन

  • विकास में रुकावट

  • एनीमिया

  • बार-बार संक्रमण

बचाव और नियंत्रण

डॉक्टरों की सलाह है कि टाइप-5 डायबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए संतुलित और पोषक आहार अपनाना चाहिए, जिसमें शामिल हों:

  • प्रोटीन युक्त भोजन

  • दालें, फलियां और अनाज

  • जटिल कार्बोहाइड्रेट

बचपन में सही पोषण और संतुलित आहार अपनाने से टाइप-5 डायबिटीज़ के जोखिम को कम किया जा सकता है और शरीर की इंसुलिन निर्माण क्षमता बेहतर बनी रहती है।