बड़ा भाई हो तो फैजल गनी जैसा: सपने से संघर्ष तक, सकीबुल गनी को वर्ल्ड रिकॉर्ड तक पहुंचाने की कहानी

30 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Sports Desk:  कहते हैं बड़ा भाई पिता समान होता है और बिहार क्रिकेट टीम के कप्तान सकीबुल गनी की जिंदगी में यह कहावत पूरी तरह सच साबित होती है। सकीबुल के क्रिकेटर बनने के पीछे उनके बड़े भाई फैजल गनी का सपना, संघर्ष और त्याग छिपा है। आज सकीबुल न सिर्फ बिहार टीम के कप्तान हैं, बल्कि उन्होंने क्रिकेट में ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा।

फैजल गनी खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे और बिहार से लेकर भारतीय टीम तक खेलने का सपना देखते थे। हालांकि, बिहार क्रिकेट की बदहाल स्थिति के चलते उनका करियर कूच बेहार और विज्जी ट्रॉफी से आगे नहीं बढ़ सका। अपने अधूरे सपने को फैजल ने छोटे भाई सकीबुल की आंखों में देखा और उसे पूरा करने का संकल्प ले लिया।

सकीबुल का क्रिकेट के प्रति लगाव भी बड़े भाई के साथ मैदान जाने से ही शुरू हुआ। फैजल ने छोटे भाई के अंदर छिपे जुनून को पहचाना और उसे तराशने में जुट गए। जब दोनों भाइयों ने अपने किसान पिता अदनान गनी से इस बारे में बात की, तो शुरुआत में उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह मिली। लेकिन फैजल का इरादा मजबूत था—उन्हें हर हाल में छोटे भाई का क्रिकेट करियर संवारना था।

मोतिहारी जैसे जिले में, जहां क्रिकेट सुविधाओं का घोर अभाव था, वहां रास्ता आसान नहीं था। न कोई अकादमी, न ढंग की प्रैक्टिस सुविधा। ऐसे में फैजल ने खुद ही हालात बदलने का फैसला किया। उन्होंने किसी तरह पैसे जुटाए, सीमेंट की पिच बनवाई, नेट और लाइट लगवाई और खुद ही सकीबुल को ट्रेनिंग देने लगे। इस संघर्ष में मां का योगदान भी अहम रहा, जिन्होंने बेटे के लिए बल्ला खरीदने के लिए अपने जेवर तक बेच दिए।

परिवार के इस त्याग और मेहनत का नतीजा 2019 में सामने आया, जब सकीबुल गनी ने बिहार के लिए लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया। जनवरी 2021 में उन्होंने टी20 में भी बिहार की ओर से कदम रखा। लेकिन असली पहचान उन्हें फरवरी 2022 में मिली, जब उन्होंने फर्स्ट क्लास डेब्यू पर मिजोरम के खिलाफ 341 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। यह स्कोर फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में डेब्यू मैच पर बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर था, जिसने सकीबुल को वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बना दिया।

सकीबुल यहीं नहीं रुके। 2025 में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 32 गेंदों में शतक जड़ दिया और लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।

सकीबुल गनी की यह कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की सफलता नहीं, बल्कि बड़े भाई के सपने, परिवार के त्याग और अटूट मेहनत की मिसाल है—जहां फैजल गनी सच में अपने छोटे भाई के करियर के निर्देशक साबित हुए।