30 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: असम में ‘फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री सम्मानित जादव पायेंग द्वारा विकसित मोलाई जंगल में अज्ञात बदमाशों ने आग लगा दी। इस आगजनी में हजारों पौधे जलकर नष्ट हो गए, जबकि कीड़े-मकोड़े और कई छोटे जानवरों की मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी इंसान के हताहत होने की सूचना नहीं है। वन विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रविवार शाम को मोलाई कटौनी क्षेत्र में हुई। आग तेजी से जंगल के दूसरे हिस्से ‘मोलाई कटौनी 2.0’ तक फैल गई, जो जोरहाट-माजुली वन प्रभाग में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बाघमोरा इको-कैंप के पास स्थित है। आग की चपेट में जंगल का बड़ा हिस्सा आ गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस आग में करीब 5,500 से अधिक पौधे जल गए, जिन्हें वर्ष 2022 में जादव पायेंग और उनकी बेटी मुनमुनी ने लगाया था। शुरुआती जांच में किसी बड़े जंगली जानवर की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चूहे, कीड़े-मकोड़े और अन्य छोटे जीवों के मारे जाने की बात सामने आई है।
जादव पायेंग की बेटी मुनमुनी पायेंग ने आरोप लगाया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही वह स्वयंसेवकों और छात्रों के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि 14 लोग एक मशीनी नाव से करीब 40 मिनट का सफर तय कर जंगल तक पहुंचे, जहां आग काफी विकराल रूप में फैल चुकी थी।
मुनमुनी और स्वयंसेवकों ने झाड़ियों और टहनियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की। वन विभाग का कहना है कि आगजनी के कारणों और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।











