29 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पर सोमवार को कुछ राहत मिली है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली से लौटने और दिए संदेश के बाद डीडीयू अस्पताल में ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में हड़ताल खत्म होने के बावजूद सभी रेजिडेंट्स ने अभी तक काम पर वापसी नहीं की है।
आरडीए ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि पहले हड़ताल वापस लें, उसके बाद समस्याओं पर बातचीत की जाएगी। आरडीए अध्यक्ष डॉ. सोहेल शर्मा ने बताया कि बर्खास्तगी आदेश रद्द होने तक एसोसिएशन जांच में सहयोग करेगी। अगले कदमों की योजना 3 जनवरी को तय होगी।
डॉक्टरों की हड़ताल 26 दिसंबर से चली आ रही थी। आईजीएमसी के सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरूला को मरीज से मारपीट मामले में सरकार ने बर्खास्त किया था। इसी बर्खास्तगी को रद्द कराने की मांग को लेकर आरडीए और हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने सामूहिक अवकाश और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी।
हालांकि, आरडीए में दो गुट बन गए हैं। एक गुट ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया, जबकि दूसरा गुट सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने तक हड़ताल जारी रखने पर अड़ा हुआ है। इस गुट ने आईजीएमसी के गेट पर “वी वांट जस्टिस” के नारे लगाए और कहा कि अस्पताल में महिला डॉक्टरों के लिए ड्यूटी रूम नहीं हैं, सीसीटीवी की कमी है और सुरक्षा पुख्ता नहीं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनका उद्देश्य डॉक्टरों के करियर को बर्बाद करना नहीं है। उन्होंने डॉक्टरों से अहंकार छोड़कर काम पर लौटने और उसके बाद सरकार के साथ समाधान खोजने का आह्वान किया।











