29 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और वहां से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के चलते यूपी में गलन बढ़ गई है। हालात को देखते हुए राज्य में आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना नहीं है। सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर में रविवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, जबकि मेरठ में ठंड ने पिछले 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि मेरठ का तापमान नैनीताल से भी कम दर्ज किया गया।
कोहरे से थमी रफ्तार, दृश्यता शून्य के करीब
घने कोहरे के कारण आगरा, प्रयागराज, कानपुर और सहारनपुर में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। फतेहपुर में 10 मीटर, मेरठ में 15 मीटर और हमीरपुर में 20 मीटर दृश्यता दर्ज की गई। मेरठ और इटावा में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे ये इलाके सबसे ठंडी रात वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।
मेरठ बना पहाड़ों से भी ठंडा
रविवार को मेरठ में दिनभर सूरज नहीं निकला और घने कोहरे की चादर छाई रही। शहर का अधिकतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नैनीताल में यह 16.8 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान मेरठ में 6.7 और नैनीताल में 8 डिग्री रहा। इससे साफ है कि मैदानी इलाका मेरठ पहाड़ी शहर नैनीताल से भी ज्यादा ठंडा रहा।
सड़कों पर बढ़ी मुश्किलें, बाजारों में सन्नाटा
पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में शीत दिवस जैसे हालात बने रहे। सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम होने से सड़कों और हाईवे पर वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह दिन में भी हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। ठंड के कारण बाजारों में भी रौनक कम रही और लोग घरों में ही दुबके नजर आए।
प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानी
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी हालात बिगाड़ दिए हैं। रविवार को मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 298 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। जयभीम नगर में एक्यूआई 355 के साथ सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ला नीना का प्रभाव, उत्तर और उत्तर-पूर्व से आ रही ठंडी हवाएं, रात में तेजी से तापमान गिरना और पश्चिमी विक्षोभ की कमी इस कड़ाके की ठंड की प्रमुख वजहें हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल तक भी ठंड और कोहरे से पूरी राहत मिलने के आसार कम हैं।
सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि कोहरे में वाहन चलाते समय गति कम रखें, लो बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। बुजुर्गों, बच्चों और जरूरतमंदों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।











