26 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन के भाई और पूर्व एमएनएस नेता प्रकाश महाजन की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रकाश महाजन जल्द ही शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो इसे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
दरअसल, मुंबई समेत 29 नगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच तालमेल की चर्चा है और राज ठाकरे अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं। ऐसे समय में प्रकाश महाजन का शिंदे के करीब जाना मनसे की रणनीति को कमजोर कर सकता है।
प्रकाश महाजन कुछ महीने पहले ही एमएनएस छोड़ चुके हैं। पार्टी से अलग होने की वजह बताते हुए उन्होंने राज ठाकरे पर आरोप लगाया था कि एमएनएस हिंदुत्व के मुद्दे से भटक रही है। उन्होंने साफ कहा था कि उन्हें किसी से डर नहीं लगता और वे अपने वैचारिक स्टैंड पर कायम रहेंगे। इसके बाद उनकी एकनाथ शिंदे से मुलाकात ने यह संकेत दे दिया कि वे हिंदुत्व की राजनीति करने वाले खेमे की ओर झुक सकते हैं।
मराठवाड़ा क्षेत्र, खासकर छत्रपति संभाजीनगर और बीड जिलों में प्रकाश महाजन का अच्छा प्रभाव माना जाता है। वे एमएनएस की मुखर आवाज रहे हैं और टीवी डिबेट्स में पार्टी का आक्रामक पक्ष रखते थे। ऐसे में उनका अलग होना मनसे के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों ही लिहाज से नुकसानदेह साबित हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर प्रकाश महाजन शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होते हैं, तो यह न सिर्फ राज ठाकरे के लिए झटका होगा, बल्कि मराठवाड़ा की राजनीति में नए समीकरण भी बना सकता है।











