24 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखी चिट्ठी पर सवाल उठाते हुए इसे जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजधानी को पत्रों और बयानबाज़ी की नहीं, बल्कि ठोस फैसलों और प्रभावी नीतियों की जरूरत है।
आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि एलजी का पूरा ध्यान अरविंद केजरीवाल पर ही केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल सत्ता में थे, तब भी उन पर कार्रवाई और पत्र लिखने की राजनीति चलती रही और अब जब वे मुख्यमंत्री नहीं हैं, तब भी वही रवैया अपनाया जा रहा है। यह महज संयोग नहीं, बल्कि एक तय राजनीतिक भूमिका का हिस्सा है।
आप नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली को प्रदूषण के हाल में छोड़कर गुजरात जाने वाले साहब अब लौट आए हैं क्या? राजधानी जहरीली हवा से जूझ रही है, लेकिन उपराज्यपाल का फोकस समाधान निकालने के बजाय कैमरों और चिट्ठियों तक सीमित नजर आ रहा है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि क्या एलजी को याद है कि दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हैं? यदि प्रदूषण पर जवाब चाहिए था तो वर्तमान सरकार से सवाल किए जाने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी GRAP-4 लागू किया जाता है तो कभी अगले ही दिन हटा लिया जाता है, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं और दिल्ली धीरे-धीरे प्रदूषण की गर्त में धकेली जा रही है।
आप का कहना है कि मौजूदा बदहाली के लिए उस सरकार को दोषी ठहराया जा रहा है जो अब सत्ता में है ही नहीं। यह या तो तथ्यों की अनदेखी है या फिर जानबूझकर सच्चाई से मुंह मोड़ने की कोशिश। पार्टी ने कहा कि उपराज्यपाल की भूमिका समाधान देने की होनी चाहिए थी, न कि भाजपा सरकार की तरह राजनीतिक टिप्पणी करने की।
पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदूषण, सड़कें, महंगाई और अव्यवस्था जैसे मुद्दों पर आज जवाबदेही मौजूदा भाजपा सरकार और उसके प्रशासन की बनती है। बीते कार्यकाल को कोसकर वर्तमान की नाकामियों को नहीं छिपाया जा सकता। दिल्ली की जनता सब देख और समझ रही है कि किसने काम किया और किसने सत्ता में आते ही बहाने बनाने शुरू कर दिए।













