शिमला, 23 दिसंबर 2025 Fact Recorder
Himachal Desk: पहाड़ों की रानी शिमला इस बार भी दिसंबर में बर्फबारी से वंचित रह गई है। लगातार चौथे वर्ष ऐसा हो रहा है जब क्रिसमस के दौरान शहर में बर्फ गिरने की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान ने शिमला की सर्दियों की पहचान को धीरे-धीरे फीका कर दिया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 2024 तक दिसंबर माह में शिमला में कोई बर्फबारी दर्ज नहीं हुई। वर्ष 2021 में भी केवल नाममात्र की बर्फ गिरी थी, जबकि 8 दिसंबर 2024 को हल्के फाहे ही देखने को मिले थे। बीते तीन दशकों में शिमला में बर्फबारी में करीब 37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 1990 से 2000 के बीच शिमला में औसतन 129.1 सेंटीमीटर बर्फबारी होती थी, जो 2010 से 2020 के दशक में घटकर 80.3 सेंटीमीटर रह गई। पहले दिसंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक हल्की बर्फबारी सामान्य मानी जाती थी, लेकिन अब जनवरी और फरवरी तक भी शुष्क ठंड का ही असर दिखाई देता है।
बर्फबारी में कमी का सीधा असर पर्यटन और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है। एक समय था जब क्रिसमस और न्यू ईयर पर रिज मैदान, मॉल रोड और कुफरी बर्फ से ढके रहते थे और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती थी। अब लगातार सूखे दिसंबर ने पर्यटन कारोबार को भी झटका दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान में बढ़ोतरी, पश्चिमी विक्षोभों की कमजोरी, बारिश के पैटर्न में बदलाव और शिमला में बढ़ता कंक्रीट निर्माण बर्फबारी घटने के प्रमुख कारण हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1901 से 2025 के बीच हिमाचल प्रदेश के औसत तापमान में लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 27 दिसंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि 28 और 29 दिसंबर को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी और निचले इलाकों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।











