चंडीगढ़, 23 दिसंबर 2025 Fact Recorder
Chandigarh Desk: सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में 24 घंटे पानी सप्लाई का प्रशासनिक ड्रीम प्रोजेक्ट अब ठंडे बस्ते में चला गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर को 24×7 पानी की आपूर्ति की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय मौजूदा अंडरग्राउंड पाइपलाइन के पुराने बुनियादी ढांचे को बदलना अधिक जरूरी है।
प्रशासन द्वारा तैयार विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, यदि 24 घंटे पानी सप्लाई योजना लागू की जाती है तो नगर निगम पर करीब 1741 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसे वहन करना निगम के लिए संभव नहीं है। इस रिपोर्ट को प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) को भेजा जाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल शहर में सुबह, दोपहर और शाम पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे नागरिकों की जरूरतें पूरी हो रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि 24 घंटे पानी देने से जरूरत से ज्यादा पानी की बर्बादी होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, शहर की लगभग 80 प्रतिशत यानी 1013 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन 50 साल से भी अधिक पुरानी हो चुकी है। इन्हें बदलने पर अनुमानित खर्च 1741.58 करोड़ रुपये आएगा, जो आगे बढ़ सकता है।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि इस योजना के लिए केंद्र या किसी एजेंसी से कर्ज लिया जाता है तो उसे ब्याज सहित चुकाना होगा। साथ ही पानी के रेट बढ़ाने पड़ेंगे, जिससे आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी कारण अब प्रशासन 24×7 पानी योजना की बजाय नई परियोजना के तहत पुरानी पाइपलाइन बदलने पर फोकस कर रहा है।













