17 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: सर्दियों के मौसम में छोटे बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता अक्सर ज्यादा सतर्क रहते हैं। रात के समय ठंड बढ़ने पर कई पेरेंट्स बच्चों को टोपी, स्वेटर और जुराब पहनाकर सुलाते हैं, ताकि उन्हें सर्दी-जुकाम से बचाया जा सके। लेकिन इसी के साथ एक सवाल भी उठता है कि क्या बच्चों को रात में सॉक्स पहनाकर सुलाना सही है या इससे शरीर में ज्यादा गर्मी, खासकर सिर पर गर्मी चढ़ने का खतरा बढ़ जाता है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बच्चों की त्वचा और शरीर बड़ों की तुलना में ज्यादा सेंसिटिव होता है। वे अपने शरीर का तापमान खुद ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाते। रात में जैसे ही कमरे का तापमान गिरता है, बच्चों के हाथ-पैर सबसे पहले ठंडे होते हैं। ऐसे में सॉक्स पहनाने से उन्हें आराम और बेहतर नींद मिल सकती है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा गर्म कपड़े या हवा के सही इंतजाम के बिना सॉक्स पहनाना नुकसानदायक भी हो सकता है।
फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर डी.के. गुप्ता बताते हैं कि बच्चे को सॉक्स पहनाकर सुलाना मौसम और उसकी सेहत पर निर्भर करता है। अगर बच्चा एक साल से कम उम्र का है, बहुत ज्यादा ठंड का मौसम है, बच्चा सीधे एसी में सो रहा है, बुखार के दौरान उसे ठंड लग रही है या उसके हाथ-पैर बहुत ठंडे हो गए हैं, तो ऐसे में सॉक्स पहनाकर सुलाना सही माना जाता है।
वहीं कुछ परिस्थितियों में बच्चों को सॉक्स पहनाकर सुलाने से बचना चाहिए। डॉक्टर के अनुसार, अगर बच्चे को रात में पहले से गर्मी लगती है, आपने उसे मोटे और ज्यादा गर्म कपड़े पहना रखे हैं या वह रजाई में सो रहा है, तो सॉक्स पहनाने की जरूरत नहीं होती। इससे पैरों में ज्यादा गर्मी और पसीना आ सकता है, जो बाद में सर्दी, बेचैनी और नींद खराब होने का कारण बन सकता है। कुछ मामलों में ज्यादा गर्मी सिर पर भी असर डाल सकती है।
निष्कर्ष यह है कि बच्चों को सॉक्स पहनाकर सुलाने का कोई एक नियम नहीं है। पेरेंट्स को बच्चे की उम्र, मौसम और कमरे के तापमान को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए, ताकि बच्चा न ज्यादा ठंडा रहे और न ही जरूरत से ज्यादा गर्म।













