नोबेल की रेस में UAE के राष्ट्रपति MBZ का उभार, ट्रंप की बढ़ी बेचैनी—जानें क्यों बढ़ी अरब नेता की दावेदारी

नोबेल की रेस में UAE के राष्ट्रपति MBZ का उभार, ट्रंप की बढ़ी बेचैनी—जानें क्यों बढ़ी अरब नेता की दावेदारी

09 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबेल शांति पुरस्कार जीतने की राह एक बार फिर चुनौतीपूर्ण होती दिख रही है। 2025 में पुरस्कार न मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अगला साल उनके लिए बेहतर साबित होगा, लेकिन अब नोबेल की रेस में एक नया, बेहद प्रभावशाली नाम तेजी से आगे बढ़ रहा है—संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (MBZ)।

MBZ की दावेदारी इसलिए मजबूत मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अब्राहम अकॉर्ड्स को जमीन पर उतारने का वास्तविक जोखिम उन्होंने ही उठाया था। इजराइल से संबंध सामान्य करने का ऐतिहासिक फैसला उन्होंने ईरान समर्थित समूहों और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे धड़ों के दबाव के बावजूद लिया।

इसके अलावा, यूएई को हाई-टेक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर मोड़कर MBZ ने दुनिया का ध्यान खींचा है। वहीं गाजा संकट के दौरान ‘गैलंट नाइट 3’ अभियान के तहत विशाल मानवीय मिशन ने उनकी वैश्विक छवि को और मजबूत किया।

ऐसे में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ते उनके प्रभाव ने नोबेल की रेस को कड़ा बना दिया है—और यही वजह है कि ट्रंप की चिंता बढ़ गई है।