03 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी के डा. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा को नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का निर्णय लिया है। इसके संचालन, प्रबंधन और रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को सौंपी जाएगी।
खिलाड़ियों की सेवा अवधि में बदलाव:
अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों और संबंधित गतिविधियों में भाग लेने की पूरी अवधि, यात्रा समेत, नियुक्त खिलाड़ियों की सेवा अवधि मानी जाएगी। इससे खिलाड़ियों को छुट्टी लेने की जरूरत नहीं होगी और उनकी तैयारी पर किसी प्रकार का प्रशासनिक असर नहीं पड़ेगा।
खेल अवसंरचना में सुधार:
स्टेडियम का यह केंद्र ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत विकसित आधुनिक खेल अवसंरचना का हिस्सा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्टेडियम परिसर की सभी सुविधाएं, भवन, मैदान और अन्य व्यवस्थाएं SAI को सौंपी जाएंगी।
राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना:
इस सेंटर में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा। हर साल लगभग 180 खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें बॉक्सिंग, कुश्ती, तलवारबाजी और शूटिंग जैसे खेल शामिल हैं।
वित्तीय पहल और देशभर में प्रभाव:
इस परियोजना पर अनुमानित 13.50 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय प्रस्तावित है। वर्तमान में देशभर में SAI के 23 उत्कृष्टता केंद्र सक्रिय हैं, और वाराणसी का यह केंद्र नए केंद्र के रूप में शामिल होगा।
यूपी की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस पहल से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच मिलेगा, उनका करियर मजबूत होगा और वाराणसी देश के प्रमुख खेल शहरों में शुमार होगा।
अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए नई व्यवस्था:
अब नियुक्त खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता या प्रशिक्षण शिविर में भाग लेंगे, उसकी पूरी अवधि सेवा अवधि मानी जाएगी। इसमें यात्रा का समय भी शामिल होगा, जिससे खिलाड़ियों को प्रशासनिक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।













