02 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: ईरान इस समय अभूतपूर्व जल संकट से गुजर रहा है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है—अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो राजधानी तेहरान की 1.5 करोड़ आबादी को स्थानांतरित करना पड़ सकता है। देश के 20 से अधिक प्रांत महीनों से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। सूखे जलाशय, सूखी झीलें और घंटे-घंटे तक पानी के इंतजार में खड़े लोग संकट की गंभीरता बयां करते हैं।
CNN के मुताबिक, तेहरान के मुख्य जलाशय सिर्फ 11% क्षमता पर हैं। शहर के दो बड़े डैम क्रमशः 9% और 8% पर आ चुके हैं, जिससे आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। ईरान पिछले छह साल से लगातार सूखे की चपेट में है, जबकि जलवायु परिवर्तन और दशकों की गलत जल-नीतियों ने हालात को और बदतर बनाया है।
विशेषज्ञ इसे “वॉटर बैंकक्रप्सी” बताते हैं—जहां नदियाँ सूख गईं, झीलें गायब हो गईं और भूजल भी लगभग खत्म हो चुका है। देशभर में लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर बारिश की दुआ कर रहे हैं।













